गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में शिक्षकों के अन्तः जनपदीय (Intradistrict) स्थानान्तरण और समायोजन की प्रक्रिया को लेकर विभाग अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) गोरखपुर द्वारा जारी ताज़ा आदेश के बाद उन शिक्षकों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने तबादले के बाद भी नए विद्यालयों में जॉइनिंग नहीं दी है।
BSA ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) से मांगी रिपोर्ट
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुर धीरेन्द्र त्रिपाठी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए स्थानान्तरण और समायोजन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। अब विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी शिक्षक अपने आवंटित विद्यालयों पर तैनात हो चुके हैं या नहीं।
BSA ने जनपद के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया है कि वे तत्काल निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराएं:
- उनके विकास खण्ड में कितने शिक्षकों ने समायोजन के बाद नए विद्यालयों पर कार्यभार ग्रहण (Joining) कर लिया है?
- कितने शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक आवंटित विद्यालय में योगदान नहीं दिया है?
- कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है?
पुराने शासनादेशों का दिया हवाला
यह कार्रवाई शासन के पुराने आदेशों (दिनांक 14.11.2025) और शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। विभाग का उद्देश्य शिक्षण कार्य को सुचारू बनाना और छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) को सही करना है।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी शिक्षक ने बिना किसी ठोस कारण के समायोजन के आदेश की अवहेलना की है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।


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