लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के हित में एक बड़ी मांग उठाई गई है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व मा०) शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर विद्यालयों के संचालन समय में तत्काल परिवर्तन करने का आग्रह किया है। संघ का कहना है कि कोरोना काल के दौरान लागू की गई 'टाइम एंड मोशन' व्यवस्था को अब समाप्त कर देना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर छोटे बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है।
क्या है मुख्य मांग?
शिक्षक संघ द्वारा अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) को भेजे गए मांग पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में विद्यालयों का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक हो रहा है। संघ ने सरकार से अपील की है कि ग्रीष्मकाल को देखते हुए विद्यालय का समय या तो प्रातः 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक किया जाए, या फिर प्रातः 8:00 से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित किया जाए।
समय परिवर्तन की आवश्यकता क्यों?
शिक्षक संघ ने अपने पत्र में समय बदलने के पीछे कई गंभीर तर्क दिए हैं:
- पुरानी व्यवस्था की प्रासंगिकता: कोरोना काल में पढ़ाई के नुकसान (लर्निंग गैप) की भरपाई के लिए स्कूल की अवधि बढ़ाई गई थी। संघ का कहना है कि अब अन्य सभी शिक्षण संस्थानों का समय सामान्य हो चुका है, तो परिषदीय विद्यालयों में भी पुराने समय को बहाल किया जाना चाहिए।
- बच्चों का स्वास्थ्य और मानसिक दबाव: परिषदीय विद्यालयों में कम उम्र के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। लंबी शिक्षण अवधि और बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिससे वे जल्दी थक जाते हैं।
- अनियमित उपस्थिति: लंबी अवधि के कारण छात्र नियमित रूप से स्कूल आने में कतरा रहे हैं। इससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है और विभाग द्वारा निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाई आ रही है।
समय का बदलाव: एक संक्षिप्त इतिहास
संघ ने ध्यान दिलाया है कि वर्ष 2015 तक विद्यालय सुबह 7 से 12 बजे तक चलते थे। बाद में 2016 में इसे बदलकर 8 से 1 बजे तक किया गया। हालांकि, महामारी के बाद वर्ष 2022 से विद्यालय संचालन का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया, जिसे शिक्षक संघ अब बच्चों के हित में अनुचित मान रहा है।
शासन को भेजा गया रिमाइंडर
यह पत्र एक 'REMINDER' (स्मरण पत्र) के रूप में भेजा गया है, जिस पर प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष मज़हर मुहम्मद खाँ और महामंत्री अरुणेन्द्र कुमार वर्मा के हस्ताक्षर हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि छात्रहित और शिक्षा हित में यह बदलाव अनिवार्य है। इस पत्र की प्रतियां महानिदेशक स्कूल शिक्षा और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भी उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई हैं।
निष्कर्ष:
बढ़ती गर्मी और छात्रों की सेहत को देखते हुए शिक्षक संघ की यह मांग काफी अहम मानी जा रही है। अब यह देखना होगा कि विभाग इस पर कब तक संज्ञान लेता है और क्या जल्द ही स्कूलों की छुट्टी के समय में कटौती की जाएगी।


Social Plugin