भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन ऑटो-पेमेंट (e-mandate) को लेकर ग्राहकों के हितों में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अब किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे ग्राहक के खाते से किस्त (EMI) या अन्य ऑटो-डेबिट भुगतान काटने से कम से कम 24 घंटे पहले उसे सूचित करें।
यह कदम डिजिटल ट्रांजेक्शन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नए नियमों की मुख्य बातें
- 24 घंटे पहले सूचना: बैंक को भुगतान कटने से पहले ग्राहक को एक नोटिफिकेशन भेजना होगा जिसमें राशि, तारीख और मर्चेंट का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होगा।
- भुगतान रोकने का अधिकार: यदि ग्राहक को लगता है कि कोई भुगतान गलत है, तो वह उस 24 घंटे की अवधि के दौरान भुगतान को रोकने या ई-मैंडेट को रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा।
- ओटीपी (OTP) की सीमा: ₹15,000 तक के नियमित ऑटो-डेबिट भुगतान के लिए अब बार-बार ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बिल जैसे भुगतानों के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है।
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ई-मैंडेट की सुविधा या इसे संशोधित करने के लिए बैंक ग्राहकों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूल सकेंगे।
किन सेवाओं पर लागू होंगे ये नियम?
यह नियम उन सभी सेवाओं पर लागू होंगे जिनका भुगतान ऑटो-डेबिट के जरिए होता है, जैसे:
- ओटीटी सब्सक्रिप्शन (Netflix, Amazon Prime आदि)
- बीमा प्रीमियम (Insurance)
- मोबाइल और बिजली के बिल
- ईएमआई (EMI) भुगतान
- क्रेडिट कार्ड बिल
कार्ड बदलने पर नहीं होगी परेशानी
नए नियमों के तहत एक बड़ी राहत यह भी दी गई है कि यदि आपका कार्ड एक्सपायर हो जाता है या बदल जाता है, तो पुराने ई-मैंडेट को नए कार्ड से ऑटोमैटिक जोड़ दिया जाएगा। ग्राहकों को दोबारा मैंडेट सेट करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
आरबीआई का उद्देश्य: "ग्राहकों को उनके बैंक खाते से कटने वाले पैसों पर अधिक नियंत्रण देना और अनधिकृत या गलत तरीके से होने वाली कटौती पर लगाम लगाना।"
जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
1. ई-मैंडेट क्या है?
जब आप अपने बैंक को किसी सेवा के लिए हर महीने अपने आप पैसे काटने की अनुमति देते हैं, तो उसे ई-मैंडेट कहा जाता है।
2. क्या फास्टैग (FASTag) पर भी यह नियम लागू है?
नहीं, फास्टैग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के ऑटो-रिचार्ज के लिए 24 घंटे पहले की पूर्व सूचना जरूरी नहीं होगी।
3. भुगतान रोकने के लिए क्या करें?
आप संबंधित बैंक के ऐप या वेबसाइट पर जाकर किसी भी सक्रिय मैंडेट को कभी भी निष्क्रिय (Deactivate) या संशोधित कर सकते हैं।

