आगरा। जनपद की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के स्तर में सुधार केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब अधिकारियों को धरातल पर उतरकर जवाबदेही तय करनी होगी।
निरीक्षण के साथ भोजन की गुणवत्ता पर जोर
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स (DTF) की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कड़े निर्देश दिए। अब प्रत्येक बीईओ को प्रतिदिन कम से कम एक परिषदीय विद्यालय का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करना होगा। इस दौरान अधिकारी केवल रिकॉर्ड चेक नहीं करेंगे, बल्कि बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड-डे मील (MDM) भी ग्रहण करेंगे। भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण के तत्काल बाद फोटो भी पोर्टल और ग्रुप पर साझा करनी होगी।
प्रवेश में लापरवाही पर निजी स्कूलों पर गिरेगी गाज
बैठक में बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत हो रहे नामांकनों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए बताया कि जिले में आवंटित 8,112 बच्चों के सापेक्ष अब तक केवल 5,899 बच्चों का ही प्रवेश हो सका है।
- 18 स्कूलों को नोटिस: प्रवेश प्रक्रिया में अड़चन डालने वाले 18 निजी स्कूलों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- शत-प्रतिशत लक्ष्य: DM ने सख्त लहजे में कहा कि नए सत्र में एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
ऑपरेशन कायाकल्प और बीईओ की जवाबदेही
जिलाधिकारी ने 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) की समीक्षा की। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद वह स्वयं स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। यदि किसी स्कूल में व्यवस्थाएं अधूरी मिलीं या शैक्षिक स्तर में सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण समय-सीमा (Deadlines)
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह और बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड की उपस्थिति में निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए:
- 30 अप्रैल तक फीडिंग: प्रेरणा और यूडाइस पोर्टल पर छात्र प्रोन्नति की शत-प्रतिशत फीडिंग पूरी करनी होगी।
- पाठ्य पुस्तक वितरण: सत्र 2026-27 के लिए किताबों का वितरण कर अभिभावकों के हस्ताक्षर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- कस्तूरबा गांधी विद्यालय: छात्राओं और शिक्षकों की कम उपस्थिति पर कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार की चेतावनी दी गई।
"अधिकारी केवल कागजों पर सक्रिय न रहें, धरातल पर उतरें। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — मनीष बंसल, जिलाधिकारी, आगरा

