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दिल्ली रामलीला मैदान में गूँजी शिक्षकों की आवाज़: 'शिक्षक रैली 2026' में मोदी सरकार ने दोहराया सम्मान का संकल्प

Sir Ji Ki Pathshala

दिल्ली के हृदय स्थल पर उमड़ा शिक्षा का सैलाब

​आज दिनांक 04 अप्रैल 2026 को देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक अभूतपूर्व दृश्य का गवाह बना। Teachers Federation of India द्वारा आयोजित इस विशाल शिक्षक रैली में देशभर के कोने-कोने से लाखों की संख्या में शिक्षक साथी अपनी माँगों और एकजुटता का परिचय देने पहुँचे। इस अवसर पर केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सार्वजनिक मंच से साझा किया।

Huge Teachers Rally at Ramlila Maidan Delhi 04 April 2026 - Sir Ji Ki Pathshala

मोदी सरकार का संकल्प: शिक्षक सुरक्षित भी, सम्मानित भी

​रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार शिक्षकों के उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार का मानना है कि एक मजबूत राष्ट्र की नींव केवल एक संतुष्ट और सम्मानित शिक्षक ही रख सकता है।

​मंच से यह संदेश दिया गया कि वर्तमान सरकार संवाद (Dialogue), समाधान (Solution) और संवेदनशीलता (Sensitivity) के त्रिसूत्रीय सिद्धांत पर कार्य कर रही है। शिक्षकों को विश्वास दिलाया गया कि उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।

Teachers Federation of India की एकजुटता

​इस रैली का सफल आयोजन Teachers Federation of India के बैनर तले हुआ। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से रखा। रैली में मुख्य रूप से निम्नलिखित दिग्गज पदाधिकारी उपस्थित रहे:

  • डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
  • श्री राम मूर्ति ठाकुर जी (महासचिव)
  • श्री संजय सिंह जी (महामंत्री)
  • श्री शिव शंकर पांडे जी (कोषाध्यक्ष)
  • श्री राधे रमण त्रिपाठी जी (उपाध्यक्ष)

​साथ ही पूर्व एमएलसी श्री सुरेश त्रिपाठी जी, श्री देवेंद्र श्रीवास्तव जी और विभिन्न राज्यों (छत्तीसगढ़ से श्री केदार जैन व श्री रविंद्र राठौर, झारखंड से श्री अनूप केसरी) के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की ओर से श्री योगेश लाल दीक्षित जी ने भी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।

रैली के मुख्य बिंदु और चर्चा के विषय

​इस विशाल जनसभा में केवल भाषण ही नहीं हुए, बल्कि शिक्षकों की सेवा शर्तों और उनके सम्मान से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई:

  1. पुरानी पेंशन और वेतन विसंगतियां: शिक्षकों ने अपनी लंबित माँगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखा।
  2. डिजिटल सुरक्षा: शिक्षकों के ऑनलाइन कार्यों के बोझ को कम करने पर संवाद हुआ।
  3. राष्ट्र सेवा: यह दोहराया गया कि शिक्षक केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता है।

एक नई शुरुआत की ओर

​रामलीला मैदान की यह रैली केवल भीड़ का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह शिक्षकों और सरकार के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक थी। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके कार्यकाल में शिक्षक न केवल सम्मानित महसूस करेंगे बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
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