Type Here to Get Search Results !
ADVERTISEMENT

सत्र 2026-27 के लिए DBT प्रक्रिया की समय-सारणी जारी। जानें प्रेरणा पोर्टल पर सत्यापन और आधार सीडिंग की अनिवार्य शर्तें।

Sir Ji Ki Pathshala

UP DBT News 2026-27: बच्चों की यूनिफॉर्म और बैग का पैसा सीधे खाते में, देखें निर्देश

UP School Shiksha Mahanideshak DBT Order 2026-27

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली निःशुल्क यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्टेशनरी के लिए धनराशि सीधे उनके माता-पिता या अभिभावकों के आधार सीडेड बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

​📋 मुख्य बिंदु और आवश्यक दिशा-निर्देश

​महानिदेशालय द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस प्रक्रिया को समयबद्ध और त्रुटिरहित पूरा करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:

​1. छात्र उन्नति और डेटा सत्यापन

  • ​31 मार्च 2026 तक कक्षा 8 और प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा 5 के छात्र पास आउट हो चुके हैं। शेष छात्रों को 1 अप्रैल 2026 को अगली कक्षा में प्रोन्नत (Promote) कर दिया गया है।
  • ​शिक्षकों को 'प्रेरणा पोर्टल' पर इन छात्रों की अगली कक्षा में प्रोन्नति को सत्यापित करना होगा।

​2. आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता

  • ​प्रत्येक छात्र और उनके माता-पिता/अभिभावक का आधार नंबर अनिवार्य है।
  • ​जिन छात्रों के आधार नहीं बने हैं, उनके लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों (BRC) पर उपलब्ध आधार नामांकन किट के माध्यम से तत्काल आधार बनवाए जाएंगे।
  • ​अभिभावकों के आधार का प्रमाणीकरण 'प्रेरणा-डी०बी०टी०' मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा।

​3. बैंक खाता और आधार सीडिंग (NPCI)

  • ​अभिभावकों को सूचित किया गया है कि वे अपने बैंक खाते की जांच करा लें कि वह सक्रिय (Active) है या नहीं।
  • ​धनराशि प्राप्त करने के लिए खाते का आधार से लिंक (Seed) होना अनिवार्य है। जिन अभिभावकों के खाते पिछले साल सीडेड नहीं थे, उन्हें एक माह के भीतर अभियान चलाकर आधार से लिंक कराया जाएगा।

​⚙️ भुगतान की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

​प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बहु-स्तरीय सत्यापन (Validation) की व्यवस्था की गई है:

  1. अध्यापक स्तर: डेटा का सत्यापन और संशोधन।
  2. खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO): डेटा का परीक्षण और जिला स्तर पर प्रेषण।
  3. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA): डेटा को बैच बनाकर PFMS पोर्टल पर अपलोड करना।
  4. वित्त एवं लेखाधिकारी: NPCI के माध्यम से बैंक खातों का सत्यापन।
  5. राज्य स्तर: सत्यापन के बाद सीधे राज्य स्तर के खाते से भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

​💡 अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

विशेष नोट: यदि माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं, तभी किसी अन्य रिश्तेदार का आधार मान्य होगा। इसके लिए ग्राम प्रधान या सभासद से प्रमाण पत्र प्राप्त कर विद्यालय में सुरक्षित रखना होगा।

​इस पहल का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता का लाभ सीधे लाभार्थी के परिवार तक बिना किसी देरी के पहुँचे। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने का आदेश दिया है।

UP School Shiksha Mahanideshak DBT Order 2026-27




स्रोत: कार्यालय महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश।

Top Post Ad

ADVERTISEMENT

Bottom Post Ad

ADVERTISEMENT