बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जनगणना-2027 की तैयारियों के बीच प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहरा गया है। जिले के कई सरकारी स्कूलों में समस्त स्टाफ की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने के कारण स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने प्रशासन से शिक्षकों को इस ड्यूटी से मुक्त करने का लिखित अनुरोध किया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में जारी किए गए आदेशों के तहत, आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना) के लिए भारी संख्या में शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में नियुक्त किया गया है। आलम यह है कि कई विद्यालयों के सभी कर्मचारी एक साथ जनगणना ड्यूटी पर भेज दिए गए हैं, जिससे उन स्कूलों में ताले लटकने की नौबत आ गई है।
विभागीय योजनाओं पर मंडराया संकट
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बरेली (डॉ. विनीता) द्वारा अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त/राजस्व) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्रभारी शिक्षकों पर केवल शिक्षण ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की जिम्मेदारी भी होती है। इनमें प्रमुख हैं:
- स्कूल चलो अभियान: नए सत्र में बच्चों का नवीन पंजीकरण।
- डीबीटी और एमडीएम (MDM): मध्याह्न भोजन वितरण और छात्रवृत्ति संबंधी कार्य।
- प्रशासनिक कार्य: विभागीय पोर्टल का संचालन और अन्य सरकारी डेटा फीडिंग।
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