भारत सरकार द्वारा आगामी जनगणना को डिजिटल और सरल बनाने के लिए 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस प्रक्रिया के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में, यहाँ इस प्रक्रिया का चरण-दर-चरण विवरण दिया गया है।
पोर्टल पर पंजीकरण की शुरुआत
स्व-गणना की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा। पोर्टल खुलते ही आपके सामने एक होमपेज आएगा जहाँ आपको निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
- राज्य का चयन: ड्रॉपडाउन लिस्ट से 'Bihar' का चुनाव करें।
- क्रेडेंशियल: स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा (Captcha) को भरें और 'Save & Proceed' पर क्लिक करें।
व्यक्तिगत और संपर्क विवरण (महत्वपूर्ण चरण)
अगले पेज पर परिवार के मुखिया (Household) का विवरण दर्ज करना अनिवार्य है:
- नाम और संपर्क: मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी (वैकल्पिक) भरें।
- सत्यापन: जानकारी सुरक्षित करने के बाद आपके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP प्राप्त होगा। भाषा का चयन करने के बाद इस OTP को दर्ज कर आगे बढ़ें।
पते और स्थान का विवरण
सत्यापन के बाद आपको अपने निवास स्थान की सटीक जानकारी देनी होगी:
- अपना जिला चुनें, पिन कोड, पूरा पता और लैंडमार्क (Land Mark) दर्ज करें।
- मैपिंग: आपके द्वारा दिए गए पते के आधार पर पोर्टल पर एक नक्शा (Map) दिखाई देगा। आपको इस मैप पर अपने भवन या मकान को मार्क (Mark) करना होगा और फिर 'Save & Proceed' पर क्लिक करना होगा।
प्रश्नावली और आईडी जनरेशन
अंतिम चरण में, जनगणना से संबंधित एक विस्तृत प्रश्नावली खुलेगी जिसे स्वयं नागरिक को भरना होगा। सभी उत्तर दर्ज करने के बाद 'Save & Submit' बटन दबाएं।
सबमिशन सफल होने पर आपके मोबाइल नंबर पर 11 अंकों की 'Self Enumeration ID' प्राप्त होगी। यह आईडी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसे सुरक्षित रखें।
गणना और सत्यापन की तिथियां
- समयावधि: यह गणना प्रक्रिया 02 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच चलेगी।
- प्रगणक (Enumerator) की भूमिका: गणना के दौरान जब आपके क्षेत्र का प्रगणक आपके घर आएगा, तो आपको उसे यह 11 अंकों की आईडी देनी होगी।
- सुधार और सिंक: प्रगणक इस आईडी को पोर्टल पर सत्यापित करेगा। यदि डेटा में किसी सुधार की आवश्यकता है, तो वह उसे संशोधित कर डेटा को 'Save/Sync' कर देगा।
स्व-गणना के लाभ
स्व-गणना की यह आधुनिक प्रक्रिया न केवल प्रगणकों के कार्यभार को कम करेगी, बल्कि एकत्रित किए गए आंकड़ों की सटीकता और गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार लाएगी। यह तकनीक भारत की जनगणना को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

