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CBSE का बड़ा बदलाव: कक्षा 6 से तीसरी भाषा अनिवार्य, 9वीं में गणित-विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली लागू

Sir Ji Ki Pathshala

CBSE New Language Policy 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली शिक्षा के ढांचे में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के तहत, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा छठी से तीसरी भाषा (R3) को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही कक्षा नौवीं के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान में दो-स्तरीय (Two-level) परीक्षा प्रणाली भी शुरू की जा रही है।

CBSE New Language Policy and Class 9th Two-Level Exam System 2026

​इस लेख में हम समझेंगे कि इन बदलावों का छात्रों और स्कूलों पर क्या असर पड़ेगा और यह योजना चरणबद्ध तरीके से कैसे लागू होगी।

​तीन भाषाओं में दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य

​सीबीएसई के नए नियमों के अनुसार, अब छात्रों को केवल हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहना होगा। बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब तीन भाषाओं का फॉर्मूला लागू किया गया है। छात्रों को जो तीन भाषाएं पढ़ाई जाएंगी, उनमें से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी अनिवार्य हैं।

​वर्तमान में सीबीएसई कुल 44 भाषाएं ऑफर कर रहा है, जिनमें संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी भाषाएं, अन्य क्षेत्रीय भाषाएं और कुछ विदेशी भाषाएं भी शामिल हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की क्षमता का समग्र विकास करना और देश की सांस्कृतिक विविधता की समझ को मजबूत करना है।

​चरणबद्ध तरीके से लागू होगा नया नियम (2026-2031)

​बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों पर अचानक अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए इस नीति को साल-दर-साल एक-एक कक्षा में बढ़ाया जाएगा।

​इसकी शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल कक्षा छठी के छात्रों के लिए होगी। इसके अगले वर्ष यानी 2027-28 में यह कक्षा छठी और सातवीं दोनों के लिए लागू हो जाएगी। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, सत्र 2028-29 में कक्षा छठी से आठवीं, सत्र 2029-30 में कक्षा नौवीं तक और अंततः सत्र 2030-31 तक कक्षा छठी से दसवीं तक के सभी छात्रों के लिए तीसरी भाषा अनिवार्य हो जाएगी।

​कक्षा 9वीं में गणित और विज्ञान की 'दो-स्तरीय' प्रणाली

​एक और महत्वपूर्ण बदलाव कक्षा नौवीं के लिए किया गया है। अब गणित और विज्ञान विषयों में दो स्तर की पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली लागू होगी। यह छात्रों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार कठिन (Standard) या सरल (Basic) स्तर चुनने की आजादी देगा, जिससे परीक्षा का तनाव कम होगा और छात्र अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

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​NCERT की नई किताबें: 10 से 15 अप्रैल तक उपलब्ध

​सीबीएसई के वेबिनार में एनसीईआरटी के निदेशक प्रोफेसर दिनेश सकलानी ने जानकारी दी कि कक्षा नौवीं के नए पाठ्यक्रम की किताबें तैयार हैं और वर्तमान में प्रिंटिंग की प्रक्रिया में हैं। अधिकांश किताबें 10 से 15 अप्रैल 2026 के बीच बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी। केवल एक-दो विषयों की किताबों में मामूली देरी हो सकती है, जो जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएंगी।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​सीबीएसई का यह कदम छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और भारतीय भाषाओं के गौरव को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय है। इससे न केवल छात्रों का भाषाई ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि वे विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों को भी अपनी रुचि के अनुसार सरल तरीके से समझ पाएंगे।

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