शाहजहाँपुर। जनपद में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, जनपद में लागू निषेधाज्ञा के चलते अब बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, सामूहिक बैठक या पुतला दहन करना भारी पड़ सकता है।
हाल ही में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, शाहजहाँपुर को यह सूचना प्राप्त हुई थी कि उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में धारा 144 थी) लागू है।
बीएसए कार्यालय द्वारा जारी निर्देश
बीएसए दिव्या गुप्ता द्वारा जारी पत्र में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि:
- किसी भी सामूहिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन के लिए जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
- बिना अनुमति के किया गया कोई भी कृत्य धारा 163 का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा।
- यदि नियमों की अनदेखी कर कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो सम्मिलित शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संगठन की होगी।
शिक्षक संघ का पक्ष
इस चेतावनी के बाद ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन से संबद्ध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे कानून का पूर्ण सम्मान करते हैं। संघ द्वारा ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की मर्यादा भंग हो या निषेधाज्ञा का उल्लंघन हो।
नोट: जिला प्रशासन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे इस आदेश को शिक्षक-शिक्षिकाओं के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रसारित करें ताकि कोई भी अनजाने में नियम विरुद्ध कार्य न करे।

