लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जनपदों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें भारतीय मूल्यों से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेन्द्र देव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस वर्ष 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाएगा। यह परीक्षा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसके लिए विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।
यह परीक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए संचालित की जा रही है। इसका मुख्य आधार 'शिक्षा से विद्या' के मूल भाव को जीवंत करना है, ताकि विद्यार्थियों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिकता, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संवर्धन हो सके। शासन का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सहायता मिलती है और वे अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करते हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1994 से निरंतर आयोजित हो रही इस परीक्षा के प्रति छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। पिछले वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश के लगभग 7 लाख छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में अपनी भागीदारी दर्ज कराई थी। इसी सफलता को देखते हुए इस वर्ष भी डॉ. चिन्मय पण्ड्या की ओर से प्राप्त अनुरोध पर शिक्षा विभाग ने अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत और सम्मानित भी किया जाएगा। वर्तमान में सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थानों के इच्छुक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण समय से पूर्ण कराएं ताकि 19 सितंबर को होने वाली इस वृहद परीक्षा का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।


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