लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायतों की मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को नई समय-सारिणी के अनुसार पूरा किया जाएगा।
संशोधन का मुख्य कारण
आयोग ने स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा उत्तर प्रदेश में चलाई जा रही एस.आई.आर. (SIR) प्रक्रिया के कारण निर्वाचन कार्यों में लगे कर्मचारियों की उपलब्धता कम थी। इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए 19 फरवरी 2026 को जारी पिछली अधिसूचना में संशोधन करना आवश्यक हो गया था।
नया कार्यक्रम और समय-सीमा
संशोधित निर्देशों के तहत, मतदाता सूचियों के कंप्यूटरीकरण, मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के क्रमांकन, वार्डों की मैपिंग, SVN आवंटन और मतदाता सूची की फोटो प्रतियों को तैयार करने जैसा महत्वपूर्ण कार्य 17 मार्च 2026 से शुरू होकर 21 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के ठीक अगले दिन, यानी 22 अप्रैल 2026 को निर्वाचक नामावलियों का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
प्रशासन को सख्त निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस संशोधित कार्यक्रम का अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
साथ ही, कार्य की महत्ता को देखते हुए यह भी आदेश दिया गया है कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान पड़ने वाले सभी सार्वजनिक अवकाशों (छुट्टियों) में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।



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