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अनुभव को मिलेगा सम्मान: 87 BEO की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त, शिक्षा निदेशालय ने कसी कमर

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव और पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा निदेशालय (बेसिक), उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एक हालिया पत्र के अनुसार, प्रदेश के 87 खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की पदोन्नति को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।

​मुख्य बिंदु: सेवा की संतोषजनक पुष्टि अनिवार्य

​शिक्षा निदेशालय ने समस्त मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे चिन्हित किए गए 87 अधिकारियों के पिछले 11 वर्षों (वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक) के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा करें।

​पदोन्नति की पात्रता के लिए इन अधिकारियों की सेवा का "संतोषजनक" होना अनिवार्य है। इस संबंध में निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि:

  • ​अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर 'सेवा संतोषजनक होने का प्रमाण पत्र' उपलब्ध कराना होगा।
  • ​यह प्रक्रिया 'उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-ख उच्चतर' के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है।

​व्यक्तिगत उपस्थिति के कड़े निर्देश

​शिक्षा निदेशालय ने इस मामले में अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को अपने मण्डल या जनपद के खंड शिक्षा अधिकारियों का प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा गया है।

चेतावनी: पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यदि किसी अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण प्रमाण पत्र समय पर नहीं दिया जाता है और पदोन्नति प्रक्रिया में बाधा आती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी और इसकी सूचना शासन को भेज दी जाएगी।

​पदोन्नति से विभाग में आएगी मजबूती

​शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि लंबे समय से लंबित इन पदोन्नतियों से विभाग के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आएगी। समूह 'ख' के उच्चतर पदों पर अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से जमीनी स्तर पर शैक्षिक सुधारों को लागू करने में मदद मिलेगी।

UP Education Directorate Prayagraj Letter for BEO Promotion