शिक्षकों के खाली पदों के विवरण वाला पत्र पूरी तरह फर्जी, FIR के निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के नाम पर सोशल मीडिया पर एक फर्जी पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में दावा किया गया है कि विभाग शिक्षकों के खाली पदों का ब्यौरा जुटा रहा है। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पत्र का पूरी तरह खंडन किया है।
विभाग ने पत्र को बताया निराधार
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने कहा कि विभाग में इस तरह का कोई भी पत्र आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है और न ही इस तरह का कोई पद विभाग में अस्तित्व में है जैसा पत्र में दर्शाया गया है।
भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर होगी FIR
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। लोगों के बीच भ्रम पैदा करने और गलत सूचना फैलाने के उद्देश्य से इस तरह के 'कूटरचित' (फर्जी) पत्र वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस फर्जी पत्र को वायरल करने वाले दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं।
क्या था वायरल पत्र में?
वायरल पत्र में उप शिक्षा निदेशक (कार्मिक) अरविंद कुमार के नाम का उपयोग करते हुए सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) से 05 मई तक खाली पदों का विवरण मांगा गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश है।
महत्वपूर्ण सलाह
शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा करने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सूचना की सत्यता की जांच जरूर करें। किसी भी अपुष्ट पत्र या समाचार को साझा न करें।

