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उत्तर प्रदेश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं: सरकार और तेल कंपनियों ने जनता को दिया भरोसा

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए राज्य सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) द्वारा जारी एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।

​पेट्रोल और डीजल: निर्बाध आपूर्ति और मजबूत बुनियादी ढांचा

​रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल 13,168 रिटेल आउटलेट संचालित हैं, जिनमें से 12,331 सरकारी कंपनियों (OMCs) के हैं और 863 निजी क्षेत्र के। ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 28 सप्लाई लोकेशन/डिपो दिन-रात काम कर रहे हैं।

  • दैनिक उपलब्धता: प्रदेश में प्रतिदिन औसत 20 TKL पेट्रोल और 33 TKL डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं: सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्यरत हैं और बिक्री पर किसी भी तरह की सीमा या प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

​LPG आपूर्ति: 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए राहत

​रसोई गैस के मोर्चे पर भी स्थिति संतोषजनक है। प्रदेश के 4.143 वितरकों और 36 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से लगभग 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है।

  • स्टॉक और डिलीवरी: वितरकों के पास वर्तमान में 1.3 दिन का स्टॉक है और प्रतिदिन औसतन 8 लाख रिफिल की डिलीवरी की जा रही है।
  • प्राथमिकता: अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, रक्षा, रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है।
  • डिजिटलीकरण: वर्तमान में 94% बुकिंग डिजिटल माध्यम से हो रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।

​PNG नेटवर्क का विस्तार

​शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने के लिए पीएनजी (PNG) कनेक्शनों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में अब तक 21.55 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं और पिछले एक महीने में ही 28,210 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। वर्तमान में 44 जनपद सीजीडी (CGD) नेटवर्क के अंतर्गत आ चुके हैं।

​कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

​जमाखोरी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने प्रवर्तन की कार्रवाई तेज कर दी है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत:

  • ​अब तक 33,117 निरीक्षण किए गए हैं।
  • 12,701 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
  • ​268 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और 22 गिरफ्तारियां हुई हैं।

​जनता से अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें

​तेल कंपनियों और राज्य सरकार ने विशेष रूप से सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, कुशीनगर, बस्ती और लखीमपुर खीरी के निवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं (Panic Buying न करें)।

​"राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है। नागरिक कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें।"

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और आम जनता तक ईंधन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। 


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