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यूपी टीईटी 2026: परीक्षा पाठ्यक्रम तैयार, जल्द जारी होगा विज्ञापन और पोर्टल

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSB) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के आयोजन की दिशा में अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आयोग द्वारा परीक्षा पाठ्यक्रम (Syllabus) तैयार करने के बाद विशेषज्ञों से उसका मॉडरेशन भी करा लिया गया है। अब अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।

UPTET 2026 Notification and Exam Portal Update News

​पोर्टल का परीक्षण अंतिम चरण में

​एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित किए गए नए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का वर्तमान में गहन परीक्षण (Testing) किया जा रहा है। आयोग के अनुसार, यदि परीक्षण के दौरान कोई तकनीकी त्रुटि मिलती है, तो उसका टेक्निकल ऑडिट कराकर उसे तुरंत दूर किया जाएगा। इसके बाद पोर्टल को लाइव कर दिया जाएगा, जिससे अभ्यर्थी बिना किसी बाधा के आवेदन कर सकेंगे।

​भुगतान को आसान बनाने के लिए ICICI बैंक से समझौता

​अभ्यर्थियों की सुविधा और आवेदन शुल्क के सुरक्षित भुगतान के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग ने ICICI बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • डिजिटल समाधान: बैंक द्वारा उन्नत डिजिटल भुगतान गेटवे उपलब्ध कराया जाएगा।
  • हेल्पलाइन सुविधा: ट्रांजेक्शन फेल होने या अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सुबह 9:30 से शाम 6:30 बजे तक हेल्पलाइन सक्रिय रहेगी।
  • रिलेशनशिप मैनेजर: समन्वय के लिए बैंक की ओर से एक समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर भी नियुक्त किया गया है।

​जुलाई में परीक्षा प्रस्तावित

​आयोग की साप्ताहिक बैठक में अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार की उपस्थिति में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। चर्चा के अनुसार, टीईटी आयोजन की संभावित तिथि 2, 3 और 4 जुलाई प्रस्तावित की गई है। विज्ञापन जारी होने के साथ ही विस्तृत परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम भी सार्वजनिक कर दिया जाएगा ताकि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

​सेवारत शिक्षकों की मांगें और विरोध

​एक ओर जहाँ नए अभ्यर्थी विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 1.86 लाख सेवारत शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं।

  • पोस्ट कार्ड अभियान: शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड भेजकर सेवारत शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की है।
  • आयु और अंकों में छूट: शिक्षकों का तर्क है कि 50-55 वर्ष की आयु में अन्य विभागीय कार्यों के साथ परीक्षा की तैयारी करना कठिन है। उन्होंने मांग की है कि यदि टीईटी अनिवार्य है, तो उनके लिए आयु सीमा में छूट और न्यूनतम उत्तीर्णांक 50 प्रतिशत निर्धारित किया जाए।

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