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सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अब लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार विजेताओं को मिलेंगे 10-10 लाख रुपये

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए राज्य सरकार ने अपने खजाने का द्वार खोल दिया है। मंगलवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों के लिए सम्मान राशि में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की।

पुरस्कार राशि में तीन गुना से अधिक का इजाफा

​अब तक उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित 'वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार' और 'रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार' के विजेताओं को 3.11 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि अगले वर्ष से इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया जाएगा।

​CM Yogi distributing Laxman and Rani Laxmi Bai Awards in Lucknow

​इस अवसर पर सीएम ने स्वयं 5 पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार और 4 महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया। साथ ही, 6 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

यूपी बनेगा भारत की 'ग्रोथ का इंजन'

​खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी में 56% युवा शक्ति है। उन्होंने कहा:

"जब प्रदेश के युवाओं को उचित अवसर मिलता है, तो वे उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को 'बीमारू' श्रेणी से निकालकर 'रेवेन्यू सरप्लस' स्टेट बना देते हैं। यही युवा शक्ति भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू है।"

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का मास्टर प्लान

​मुख्यमंत्री ने खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार के भविष्य के रोडमैप को भी साझा किया:

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: हर कमिश्नरी (मंडल) स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा, जिसे किसी एक विशेष खेल के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • ग्रामीण खेल विकास: 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' के तहत गांवों में खेल के मैदान और ओपन जिम विकसित किए जा रहे हैं।
  • भ्रष्टाचार और भू-माफिया पर प्रहार: सीएम ने स्पष्ट किया कि 2017 से पहले खेल के मैदानों पर भू-माफियाओं का कब्जा था और बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब विभाग के पास बजट की कोई कमी नहीं है।

लक्ष्य 2030: कॉमनवेल्थ गेम्स

​योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इन्सेंटिव (जो अब तक 200 करोड़ रुपये तक पहुँच चुके हैं) का परिणाम जल्द ही दिखेगा। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी भारत का नेतृत्व करेंगे और पदकों की झड़ी लगाएंगे।

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