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UP School Smart Class: 7409 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु ₹8.89 करोड़ की इंटरनेट ग्रांट जारी, देखें शासनादेश।

Sir Ji Ki Pathshala

UP School Smart Class: 7409 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु सरकार ने जारी किए ₹8.89 करोड़, इंटरनेट बिल हेतु ₹12,000 प्रति स्कूल आवंटित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 7409 परिषदीय विद्यालयों में पहले से स्थापित स्मार्ट क्लासेस को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 'इंटरनेट ब्रॉडबैंड' की सुविधा हेतु 8.89 करोड़ रुपये से अधिक की आवर्ती ग्रांट (Recurring Grant) जारी कर दी गई है।

स्मार्ट लर्निंग के लिए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

​राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह बजट स्वीकृत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्मार्ट क्लासेस में बिना किसी तकनीकी बाधा के शिक्षण कार्य को सुनिश्चित करना है।

  • नेटवर्क स्पीड: प्रत्येक चयनित विद्यालय को न्यूनतम 30 Mbps की स्पीड वाला मंथली अनलिमिटेड डेटा ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • बजट आवंटन: प्रति विद्यालय ₹12,000 वार्षिक की दर से इंटरनेट खर्च के लिए धनराशि आवंटित की गई है।

मिशन 'निपुण': किताबों से आगे का संसार

​यह केवल एक बजट नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों नौनिहालों के लिए संभावनाओं का नया द्वार है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी:

  1. दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल के समृद्ध वीडियो देख पाएंगे।
  2. इंटरेक्टिव क्विज़ और ऑनलाइन लर्निंग ऐप्स का उपयोग कर सकेंगे।
  3. यूट्यूब एजुकेशनल चैनल्स के माध्यम से कठिन विषयों को आसानी से समझेंगे।

कुल 75 जिलों को मिला लाभ

​दस्तावेजों के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए कुल ₹8,89,08,000.00 की धनराशि प्रेषित की गई है। इस बजट का उपयोग 'क्वालिटी इंटरवेंशन' (ICT and Digital Initiatives) के तहत किया जाएगा।

महानिदेशक कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस धनराशि का उपभोग 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल स्कूल प्रबंध समितियों (SMC) के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन सुनिश्चित कराएं ताकि डिजिटल सामग्री का उपयोग शिक्षण में किया जा सके।

डिजिटल भारत की ओर बढ़ते कदम

​यह कदम 'समग्र शिक्षा' अभियान के तहत उठाया गया है। इससे पहले यूपीएलसी (UPLC) के माध्यम से चयनित सेवा प्रदाताओं ने स्कूलों में स्मार्ट क्लास के उपकरण लगाए थे, लेकिन इंटरनेट की कमी के कारण कई जगहों पर इनका पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड मिलने से छात्र ऑनलाइन कंटेंट, वीडियो लेक्चर्स और इंटरैक्टिव क्विज़ का लाभ सीधे क्लासरूम में उठा सकेंगे।

UP School Smart Class Internet Budget Shasanadesh 2025-26 by DGSE Office Lucknow