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शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु 'स्कूल चलो अभियान' कार्यक्रम के आयोजन हेतु लिमिट जारी, देखें सभी जरूरी दिशा-निर्देश

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। 'स्कूल चलो अभियान' के माध्यम से समाज के उन 'आउट ऑफ स्कूल' बच्चों को खोजना और नामांकित करना है, जो अपवंचित वर्ग, बालिकाएं, विशिष्ट आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चे या प्रवासी परिवारों से संबंधित होने के कारण शिक्षा से दूर रह गए हैं। सत्र 2026-27 के लिए इस अभियान को एक जन-आंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है।

School Chalo Abhiyan 2026-27 Budget Limit and Instructions

​अभियान को दो रणनीतिक चरणों में विभाजित किया गया है:

  • प्रथम चरण: 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक (सत्र के प्रारंभ में)।

  • द्वितीय चरण: 01 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक।

  • तैयारी: अभियान से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ 31 मार्च, 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश हैं।

विद्यालय स्तर पर की जाने वाली प्रमुख गतिविधियाँ

​विद्यालय स्तर पर अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शासन ने ₹2,500 प्रति विद्यालय आवंटित किए हैं और निम्नलिखित अनिवार्य निर्देश दिए हैं:

​👉 परिसर की सजावट और स्वागत: 

शैक्षिक सत्र के प्रथम दिन विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाया जाएगा। विद्यालयों को झंडी, गुब्बारों आदि से सजाया जाएगा और नए बच्चों का रोली लगाकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाएगा।

​👉 नामांकन उत्सव एवं रैलियाँ

विद्यालय स्तर पर जन-जागरूकता हेतु रैलियों और प्रभात फेरियों का आयोजन किया जाएगा।

​👉 एस०एम०सी० (SMC) बैठक 

अभियान शुरू होने से पूर्व विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा अभिभावकों के साथ अनिवार्य बैठक की जाएगी ताकि उन्हें नामांकन हेतु प्रेरित किया जा सके।

​👉 परिवार सर्वेक्षण

विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कैचमेंट एरिया (सेवित क्षेत्र) का घर-घर जाकर परिवार सर्वेक्षण किया जाएगा ताकि छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन कराया जा सके।

​👉 विशेष समूहों पर ध्यान 

बालिकाओं, दिव्यांग बच्चों और प्रवासी परिवारों (जैसे ईंट-भट्टों पर रहने वाले) के बच्चों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

​👉 दस्तावेजों में लचीलापन

आधार या जन्म प्रमाण-पत्र न होने पर किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा; अभिभावक द्वारा दी गई सूचना ही मान्य होगी।

​👉 प्रतीकात्मक वितरण 

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नए सत्र की पाठ्य-पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।

वित्तीय आवंटन एवं व्यय संरचना

​अभियान हेतु कुल ₹3800.675 लाख की धनराशि जारी की गई है।

  • प्रति जनपद: ₹5.00 लाख (LED वैन, होर्डिंग और भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम हेतु)।

  • प्रति ब्लॉक: ₹10,000 (रैली और समन्वय बैठक हेतु)।

  • प्रति विद्यालय व्यय विवरण (₹2,500):
    • ​विद्यालय बैनर (8 \times 4 फीट): ₹600।
    • ​बच्चों एवं अभिभावकों हेतु जलपान: ₹1,500।
    • ​सजावट (झंडी, गुब्बारा आदि): ₹400।

प्रशासनिक एवं डिजिटल निगरानी

    • प्रेरणा पोर्टल: नामांकन वृद्धि की प्रविष्टि प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
    • जियो-टैगिंग: प्रत्येक विद्यालय से अभियान की जियो-टैग्ड फोटोग्राफ SMC module पर अपलोड कराना अनिवार्य होगा।
    • कंट्रोल रूम: जनपद स्तर पर नामांकन की प्रगति और अनुश्रवण हेतु एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
    • उत्तरदायित्व: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी का यह व्यक्तिगत दायित्व होगा कि धनराशि सीधे SMC खातों में समय पर जारी हो।

आदेश की PDF डाउनलोड करें 

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