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वृद्धावस्था पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव, अब आधार कार्ड से नहीं तय होगी उम्र

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए पात्रता नियमों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब राज्य में पेंशन के लिए आवेदन करते समय आधार कार्ड पर अंकित जन्मतिथि को आयु के प्रमाण (Age Proof) के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासन द्वारा इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और समाज कल्याण विभाग को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

UP Old Age Pension Scheme New Update 2026

क्यों बदला गया नियम?

​समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव, एल. वेंकटेश्वर लू द्वारा 12 मार्च को जारी पत्र के अनुसार, यह निर्णय भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है। UIDAI के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने 31 अक्टूबर 2025 को स्पष्ट किया था कि आधार कार्ड केवल एक पहचान का प्रमाण है, इसे जन्मतिथि या आधिकारिक आयु के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अब कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

​नया नियम लागू होने के बाद, अब आवेदकों को अपनी आयु सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा:

  • परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति: ग्राम पंचायत या नगर निकाय द्वारा जारी परिवार रजिस्टर का विवरण।
  • शैक्षिक प्रमाण पत्र: हाईस्कूल या अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षिक दस्तावेज जिसमें जन्मतिथि अंकित हो।
नोट: आवेदन पत्र में दिए गए सभी कॉलम को भरना अनिवार्य होगा। यदि आवेदन में कोई जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो उसे निरस्त किया जा सकता है।

बीपीएल कार्डधारकों के लिए भी नई शर्त

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल बीपीएल कार्ड धारक होने मात्र से पेंशन की पात्रता सिद्ध नहीं होगी। अब बीपीएल (BPL) श्रेणी के आवेदकों को भी योजना का लाभ लेने के लिए सक्षम अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।

पुरानी व्यवस्था में हुआ संशोधन

विदित हो कि वर्ष 2016 में जब यह योजना लागू हुई थी, तब नियम काफी सख्त थे। हालांकि, 16 मई 2018 को एक संशोधन के जरिए आधार कार्ड की जन्मतिथि को मान्यता दे दी गई थी, जिसे अब 2026 में सुरक्षा और सत्यापन की दृष्टि से वापस ले लिया गया है।


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