लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न हो सकने वाली किसी भी समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। शासन के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर ईंधन और गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
यह आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ हुई उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जारी किया गया है।
प्रशासन के मुख्य निर्देश:
- जनता को आश्वस्त करना: जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आम जनता के बीच यह स्पष्ट संदेश पहुँचाएँ कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या नहीं है। लोग घबराएं नहीं और पैनिक बाइंग से बचें।
- LPG वितरण में पारदर्शिता: घरेलू उपभोक्ताओं को गैस वितरण में प्राथमिकता दी जाएगी। वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए 'ओटीपी' (OTP) के माध्यम से रिफिल डिलीवरी की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- भ्रामक खबरों पर लगाम: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स और विभिन्न वीडियो चैनलों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। भ्रामक खबरें या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
- सुरक्षा और कानून व्यवस्था: गैस सिलेंडरों के वितरण के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और गैस ले जाने वाले वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वितरण कार्य में कोई बाधा न आए।
- कालाबाजारी पर रोक: गैस एजेंसियों द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध बिक्री को रोकने के लिए आकस्मिक कदम उठाने को कहा गया है।
निगरानी के लिए 'कंट्रोल रूम' की स्थापना
प्रशासनिक चुस्ती बनाए रखने के लिए हर जनपद में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम गैस वितरण से जुड़ी हर सूचना का आदान-प्रदान करेगा। साथ ही, राजस्व विभाग, खाद्य विभाग और पुलिस के अधिकारियों को क्षेत्र में निरंतर भ्रमणशील रहने का आदेश दिया गया है ताकि धरातल पर स्थिति सामान्य बनी रहे।
मुख्य सचिव का संदेश: "उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस सिलेंडर और ईंधन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"


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