प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UP Board) ने हाईस्कूल (कक्षा 10) के छात्रों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। परिषद् के नवीनतम आदेश के अनुसार, अब विज्ञान (Science) और गृह विज्ञान (Home Science) विषयों में केवल आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के आधार पर ग्रेड नहीं दिए जाएंगे, बल्कि इन विषयों के लिए बाह्य प्रयोगात्मक परीक्षा (Practical Examination) आयोजित की जाएगी।
क्या है नया संशोधन?
माध्यमिक शिक्षा परिषद् के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, परिषद् के विनियमों के अध्याय-13 के विनियम-3 में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के तहत:
- पुरानी व्यवस्था: अब तक हाईस्कूल के सभी विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर 'आंतरिक मूल्यांकन' के रूप में किया जाता था, जिसमें 5-पॉइंट स्केल ग्रेडिंग दी जाती थी।
- नई व्यवस्था: अब विज्ञान और गृह विज्ञान को आंतरिक मूल्यांकन की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इन दो विषयों के लिए अब 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद् द्वारा आयोजित की जाएगी।
ग्रेड के साथ अंक भी दिखेंगे मार्कशीट पर
संशोधित नियम के अनुसार, विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा में प्राप्त अंकों और ग्रेड को छात्र के अंक पत्र (Mark sheet) और प्रमाण पत्र (Certificate) में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। अन्य विषयों के लिए पहले की तरह ही 05-पॉइंट स्केल पर आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था जारी रहेगी।
शासन की अनुमति के बाद निर्णय
यह निर्णय उत्तर प्रदेश शासन के पत्र संख्या 65/15-7-2026 दिनांक 29 जनवरी, 2026 के अनुपालन में लिया गया है। परिषद् ने इसे सरकारी गज़ट में भी प्रकाशित कर दिया है। इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश भेज दिए गए हैं ताकि वे अपने जनपदों के विद्यालयों में इसे लागू करवाना सुनिश्चित करें।
छात्रों पर प्रभाव
इस बदलाव का सीधा उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों के प्रयोगात्मक कौशल को अधिक गंभीरता से जांचना है। अब छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल परीक्षा की तैयारी भी बोर्ड मानकों के अनुरूप करनी होगी।




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