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UP शिक्षक भर्ती: फर्जीवाड़े पर शासन सख्त, संदेह के घेरे में आए शिक्षकों की फिर से होगी जाँच

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर अब गाज गिरना तय है। शासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उन सभी सहायक अध्यापकों की फिर से जाँच करने के आदेश दिए हैं, जिनकी नियुक्तियाँ संदेह के घेरे में हैं।

फर्जी दस्तावेज वाले शिक्षकों की फिर से जाँच | UP Primary Teacher Fake Documents News

​उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किए। शासन ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को स्पष्ट किया है कि वे एक महीने के अंदर ऐसे संदिग्ध शिक्षकों को चिन्हित करें और उनकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपें।

जाँच के मुख्य बिंदु और प्रक्रिया

​वर्तमान में एसटीएफ (STF) इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में 200 से अधिक शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। नई जाँच को सुव्यवस्थित करने के लिए एक विशेष प्रोफार्मा भी जारी किया गया है, जिसमें निम्नलिखित विवरण भरना अनिवार्य होगा:

  • ​संदिग्ध अध्यापक का नाम और नियुक्ति तिथि।
  • ​फर्जी पाए गए अभिलेखों (Documents) का विवरण।
  • ​दस्तावेज जारी करने वाली संस्था का नाम।
  • ​अब तक की गई विभागीय कार्रवाई की स्थिति।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

​शासन का यह कदम शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाने और योग्य उम्मीदवारों के हक की रक्षा के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से अभिलेखों के सत्यापन की निगरानी करें ताकि कोई भी दोषी बच न सके।

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