सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक पर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं शिक्षा विभाग ने भी आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह शर्मनाक घटना बीते 23 फरवरी की बताई जा रही है। पीड़िता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, विद्यालय के सहायक अध्यापक गिरजेश सिंह ने उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर बाथरूम के पीछे बुलाया और उसके साथ अनुचित हरकतें कीं।
पीड़िता के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि जब छात्रा ने इस व्यवहार का विरोध किया, तो शिक्षक ने उसे जातिसूचक अपशब्द कहे और मामले को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी छात्रा ने घर पहुँचकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
छात्राओं ने बयां किया दर्द: "सभी के साथ करते थे बदतमीजी"
हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी शिक्षक का यह व्यवहार केवल एक छात्रा तक सीमित नहीं था। विद्यालय की अन्य छात्राओं ने भी शिक्षक की काली करतूतों की पुष्टि की है:
- कक्षा 8 की छात्रा के अनुसार, शिक्षक पिछले 5 महीनों से स्कूल में तैनात हैं और करीब एक महीने से छात्राओं को गलत तरीके से छूने और बदतमीजी करने की शिकायतें मिल रही थीं।
- पीड़िता के पिता ने तहरीर में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बेटी मंदबुद्धि है, जिसका शिक्षक ने फायदा उठाने की कोशिश की।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
गुरुवार को जब यह मामला तूल पकड़ा, तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने विद्यालय पहुँचकर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोसाईगंज पुलिस ने तत्परता दिखाई।
- धाराएं: आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), SC/ST एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
- गिरफ्तारी: उपनिरीक्षक अशोक कुमार और नियाज खान की टीम ने गुरुवार रात आरोपी गिरजेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
- न्यायिक हिरासत: थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
BSA ने लिया कड़ा फैसला
शिक्षा विभाग ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने आरोपी शिक्षक गिरजेश सिंह के खिलाफ जांच के आदेश देते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ऐसी घटनाएं समाज और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगाती हैं। विद्यालय प्रशासन को छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता है।


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