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रोग नियंत्रण अभियान: हर परिवार का बनेगा ABHA कार्ड, जानें दस्तक अभियान का पूरा शेड्यूल

Sir Ji Ki Pathshala

UP Sanchari Rog Abhiyan 2026: हर परिवार का बनेगा ABHA कार्ड, जानें दस्तक अभियान का पूरा शेड्यूल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को संक्रामक बीमारियों से मुक्त करने के लिए कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने घोषणा की है कि प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान (Sanchari Rog Niyantran Abhiyan) 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर बीमारियों की पहचान के लिए दस्तक अभियान (Dastak Abhiyan) 10 से 30 अप्रैल तक संचालित होगा।

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​इस वर्ष के अभियान की सबसे बड़ी विशेषता आभा (ABHA) आईडी कार्ड का अनिवार्य पंजीकरण है।

आभा (ABHA) आईडी कार्ड: अब हर नागरिक का होगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड

​सरकार का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश के हर परिवार को डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ना है। दस्तक अभियान के दौरान घर-घर जाने वाली आशा कार्यकर्ता (ASHA Workers) परिवार के प्रत्येक सदस्य का 'आभा' हेल्थ कार्ड बनाएंगी।

ABHA कार्ड के फायदे:

  • ​मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास (Prescriptions, Reports) डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित रहेगा।
  • ​अस्पतालों में लंबी लाइनों और कागजी पर्चों से मुक्ति मिलेगी।
  • ​सरकारी योजनाओं और इलाज में पारदर्शिता आएगी।

हीट वेव (Heat Wave) और गर्मी से बचाव के लिए विशेष निर्देश

​अप्रैल की भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने हीट वेव मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि:

  1. पब्लिक डिस्प्ले: शहरों के व्यस्त चौराहों पर मौसम का पूर्वानुमान और तापमान प्रदर्शित किया जाए।
  2. पेयजल व्यवस्था: बस अड्डों और बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
  3. शेल्टर होम: राहगीरों के लिए छायादार शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्कूलों में जागरूकता और पोस्टर प्रतियोगिताएं

​संचारी रोगों के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी विद्यालयों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें पोस्टर मेकिंग, रैलियां और स्लोगन राइटिंग शामिल हैं। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को 'वेक्टर बोर्न डिजीज' (मच्छरों से होने वाली बीमारियों) और लू से बचने के उपायों के बारे में शिक्षित करें।

मच्छर नियंत्रण और डिजीज सर्विलेंस पोर्टल

​स्वास्थ्य विभाग ने उन इलाकों की सूची तैयार की है जहाँ मच्छरों का घनत्व अधिक है। इन 'हॉटस्पॉट' क्षेत्रों में नगर विकास और पंचायती राज विभाग के समन्वय से फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव किया जाएगा।

​बीमारियों की ट्रैकिंग के लिए यूनिफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल (Unified Disease Surveillance Portal) का उपयोग किया जाएगा। दस्तक अभियान में चिन्हित मरीजों का डेटा इस पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट होगा, जिससे महामारी जैसी स्थिति को समय रहते रोका जा सके।

निष्कर्ष

​उत्तर प्रदेश का यह अंतर्विभागीय अभियान न केवल मौसमी बीमारियों को रोकने में सहायक होगा, बल्कि 'आभा' कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।