लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से पहले संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि का रास्ता साफ कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
इस फैसले के तहत विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई टेंडर प्रक्रिया में संशोधित मानदेय और सेवा शर्तों को शामिल करें, ताकि कर्मचारियों को समय पर बढ़ा हुआ भुगतान मिल सके।
किन पदों पर कितना बढ़ेगा मानदेय?
सरकार द्वारा प्रस्तावित नई दरों के अनुसार, अलग-अलग पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी में ₹5,000 से ₹10,000 तक की वृद्धि संभव है।
| पद का नाम | पुराना मानदेय | नया मानदेय |
|---|---|---|
| चपरासी / चौकीदार | ₹10,000 – ₹12,900 | ₹18,000 |
| कंप्यूटर / डाटा एंट्री ऑपरेटर | ₹15,600 | ₹23,000 |
| सीनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर | ₹20,000 – ₹22,000 | ₹30,000 – ₹31,000 |
| स्टैटिकल ऑफिसर | ₹22,000 – ₹24,000 | ₹29,000 |
| प्रोग्रामर | ₹25,000 – ₹26,000 | ₹29,000 |
| सिस्टम एडमिन / सीनियर प्रोग्रामर | ₹30,000 | ₹37,000 |
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने की पहल
इस दिशा में सबसे पहले ठोस कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से उठाया गया है।
- विधानसभा क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में तैनात कर्मियों के लिए नए टेंडर जारी किए गए हैं
- नई दरों के अनुसार:
- 💻 कंप्यूटर ऑपरेटर: ₹23,000 (EPF सहित)
- 🧹 चपरासी: ₹18,000
कब से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय?
- नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी
- अप्रैल का वेतन मई 2026 में मिलेगा
👉 यानी कर्मचारियों को मई से बढ़ी हुई सैलरी दिखनी शुरू हो जाएगी
आगे क्या है योजना?
सरकार उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम के गठन पर भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य भुगतान में पारदर्शिता, समय पर मानदेय और कानूनी/तकनीकी समस्याओं से बचाव होगा। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से आउटसोर्सिंग/संविदा कर्मचारियों के लिए है
👉 शिक्षामित्र और अनुदेशक इस व्यवस्था में शामिल नहीं हैं (जब तक अलग से आदेश जारी न हो)
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला संविदा कर्मियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी न सिर्फ आर्थिक मजबूती देगी बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी बढ़ाएगी।


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