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उत्तर प्रदेश में 'मिशन शक्ति' की नई उड़ान: 6,256 स्कूलों में 'सेल्फ डिफेंस क्लब' का गठन

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बालिकाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और आत्मसम्मान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को धरातल पर उतार रही है। 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने विभाग की समीक्षा के दौरान बताया कि प्रदेश के 6,256 विद्यालयों में 'सेल्फ डिफेंस क्लब' का गठन किया जा चुका है। यह कदम न केवल बालिकाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि उनके भीतर के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण: सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम

​महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अब तक 6,587 विद्यालयों में विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया है। इन सत्रों में छात्राओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करने, अपनी सुरक्षा स्वयं करने और मानसिक रूप से मजबूत बनने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

Mission Shakti UP, Self Defense Club in UP Schools

​यह केवल एक शारीरिक प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि बालिकाओं के मनोबल को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। जब एक छात्रा आत्मरक्षा के कौशल सीखती है, तो वह समाज में अधिक निर्भीक होकर अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान केंद्रित कर पाती है।

संवाद और प्रेरणा: 29,193 बालिकाओं तक पहुँच

​अभियान की सफलता केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप दिया गया है। जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 29,193 बालिकाओं ने महिला अधिकारियों और प्रेरक महिलाओं (Role Models) के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

​इस संवाद सत्र का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जीवन कौशल (Life Skills), शिक्षा के महत्व और भविष्य के करियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन देना था। प्रेरक महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कर छात्राओं को यह संदेश दिया कि वे भी जीवन के हर क्षेत्र में ऊंचाइयों को छू सकती हैं। इस पहल से बालिकाओं में जागरूकता का संचार हुआ है और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग हुई हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में CSR का कायाकल्प

​समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि विभाग की विभिन्न योजनाओं को गति देने के लिए CSR (Corporate Social Responsibility) कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाए।

CSR के माध्यम से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा:

  1. विद्यालयों का निर्माण: बड़ी कंपनियों के सहयोग से जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार और नए क्लासरूम का निर्माण।
  2. स्मार्ट कक्षाएं: तकनीक के इस युग में सरकारी स्कूलों को स्मार्ट कक्षाओं से लैस करना ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकें।
  3. बुनियादी सुविधाएं: स्कूलों में पीने के साफ पानी, शौचालय और खेल के मैदानों का विकास।
  4. उन्नयन (Upgradation): कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और सीएम कंपोजिट विद्यालयों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित करना।

भविष्य की कार्ययोजना और आत्मनिर्भरता

​सरकार का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश की बेटियाँ न केवल शिक्षित हों, बल्कि आत्मनिर्भर भी बनें। इसके लिए कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों को प्राथमिक शिक्षा से ही जोड़ने की तैयारी की जा रही है। स्मार्ट क्लास और आधुनिक बुनियादी ढाँचे के माध्यम से शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने का प्रयास किया जा रहा है।

निष्कर्ष

'मिशन शक्ति' के तहत उठाए गए ये कदम उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में एक क्रांतिकारी परिवर्तन की ओर इशारा करते हैं। सेल्फ डिफेंस क्लबों का गठन और CSR के माध्यम से विद्यालयों का आधुनिकीकरण यह सुनिश्चित करेगा कि प्रदेश की हर बेटी सुरक्षित महसूस करे और उसे विकास के समान अवसर मिलें। संदीप सिंह के नेतृत्व में विभाग अब उन लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है जहाँ सरकारी स्कूल न केवल ज्ञान के केंद्र होंगे, बल्कि बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की नर्सरी भी बनेंगे।

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