Mission Shakti 6.0: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में 19 मार्च से गूँजेगी महिला स्वावलंबन की गूँज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित 'मिशन शक्ति' अभियान के छठे चरण का आगाज होने जा रहा है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 19 मार्च से 26 मार्च 2026 तक प्रदेश के समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
8 दिवसीय विशेष कार्ययोजना
इस अभियान के तहत प्रतिदिन विशिष्ट गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रति जागरूक करना है:
- 19 मार्च: मां दुर्गा के नौ रूपों पर आधारित पोस्टर निर्माण और चर्चा।
- 20 मार्च: नुक्कड़ नाटक, रैलियां और हेल्प लाइन नंबरों (जैसे 1090, 181, 112) के प्रति जागरूकता।
- 21 मार्च: 'एक दिन का अधिकारी' - बालिकाओं को विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रमुख पदों पर आसीन कर एक्सपोजर देना।
- 22 मार्च: 'मीना दिवस' का आयोजन और प्रेरणादायक निडर फिल्में दिखाना।
- 23 मार्च: बैंक और सरकारी अस्पताल का भ्रमण, जहाँ बालिकाएं बैंकिंग प्रक्रिया और स्वास्थ्य जांच संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगी।
- 24 मार्च: महिला अधिकारियों द्वारा संवाद और विद्यालयों में 'सेल्फ डिफेंस क्लब' का गठन।
- 25 मार्च: स्थानीय पुलिस स्टेशन का भ्रमण, जहाँ छात्राओं को FIR दर्ज करने और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
- 26 मार्च: जेंडर स्टीरियोटाइप और बाल विवाह जैसे सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक।
प्रभावी क्रियान्वयन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- डिजिटल रिपोर्टिंग: प्रत्येक विद्यालय को प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट, फोटो और वीडियो गूगल फॉर्म और ईमेल (missionshaktishiksha@gmail.com) पर अपलोड करनी होगी।
- सोशल मीडिया एक्टिविटी: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिया गया है कि वे विभागीय हैंडल से गतिविधियों को रीपोस्ट और शेयर करें।
- निरीक्षण: कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा सीधे सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जिला समन्वयक नियमित रूप से ब्लॉक स्तर पर प्रगति की निगरानी करेंगे।
स्वैच्छिक योगदान और ब्रांडिंग
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों में मिशन शक्ति के बैनर लगाए जाएंगे, जिसका व्यय विद्यालय विकास अनुदान मद से किया जाएगा। साथ ही, स्कूलों में नियुक्त 'नोडल शिक्षक' अपने शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ इस अभियान में स्वैच्छिक रूप से सहयोग प्रदान करेंगे।
इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य न केवल बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाओं की जमीनी समझ देकर सशक्त बनाना भी है।




Social Plugin