चन्दौली। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 'पीएम पोषण योजना' (मध्याह्न भोजन योजना) के तहत काम करने वाले हजारों रसोइयों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। शासन के निर्देशानुसार, अब इन रसोइयों और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा।
हाल ही में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), चन्दौली द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से जिले के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य उन रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है जो वर्तमान में 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (आयुष्मान भारत) के दायरे में नहीं आते हैं। सरकार चाहती है कि स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले इन सेवादारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में बिना किसी आर्थिक तंगी के बेहतर इलाज मिल सके।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन ने सभी विकास खंडों से ऐसे पात्र रसोइयों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर मांगा है।
नोट: इस योजना का लाभ केवल उन्हीं रसोइयों को मिलेगा जो पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना (जैसे आयुष्मान भारत) का लाभ नहीं ले रहे हैं।



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