लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की युवा पीढ़ी को मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति सचेत करते हुए एक अनमोल सलाह दी है। राजधानी लखनऊ में आयोजित 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल फरियादियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि वहां मौजूद बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें जीवन की प्राथमिकताओं का पाठ भी पढ़ाया।
सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बचने की सलाह
मुख्यमंत्री ने बच्चों और अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग मानसिक विकास के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि तकनीक और मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन की तुलना में पन्नों पर छपा ज्ञान अधिक स्थायी और लाभकारी होता है।
"किताबें पढ़ो और सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी जरूरत है। इसका अत्यधिक प्रयोग भविष्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।"
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्रीजनता दर्शन: संवेदनशीलता और समाधान
हमेशा की तरह मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पीड़ितों के पास स्वयं जाकर उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए:
- समयबद्ध निस्तारण: हर समस्या का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
- पारदर्शिता: पीड़ितों को उनकी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी मिले।
- प्रतिबद्धता: सरकार हर नागरिक की उचित समस्या के निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान
जनता दर्शन का माहौल उस समय खुशनुमा हो गया जब मुख्यमंत्री ने वहां आए बच्चों को दुलारा और उन्हें चॉकलेट भेंट की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें प्रेरित किया कि वे अपना अधिकांश समय रचनात्मक कार्यों और अध्ययन में लगाएं।


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