भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 को सुचारू और सटीक तरीके से संपन्न कराने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। मंत्रालय द्वारा जारी हालिया निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में नियुक्त किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण (Transfer) पर अस्थायी रूप से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
स्थानांतरण पर रोक की समय-सीमा
गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, जनगणना से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला 31 मार्च 2027 तक नहीं किया जाएगा। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा संग्रह की प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे और फील्ड वर्क में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ेगा प्रभाव
यह प्रतिबंध प्रशासनिक ढांचे के विभिन्न स्तरों पर लागू होगा। मुख्य रूप से निम्नलिखित पदों पर तैनात कर्मी इस आदेश के दायरे में आएंगे:
- प्रशासनिक स्तर: जिला कलेक्टर, एसडीएम (SDM), और तहसीलदार।
- निकाय स्तर: नगर निगमों और नगर निकायों के आयुक्त।
- फील्ड स्तर: शिक्षक (प्रगणक के रूप में), पटवारी, और ग्राम सचिव।
प्रशासनिक सीमाओं के विस्तार पर भी पाबंदी
आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने केवल ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि भौगोलिक बदलावों पर भी रोक लगा दी है। 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक जिलों, तहसीलों, गांवों और वार्डों की प्रशासनिक सीमाओं में किसी भी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जा सकेगा।
इसका लाभ यह होगा कि जनगणना के दौरान क्षेत्रों की पहचान स्पष्ट रहेगी और डेटा ओवरलैपिंग की समस्या नहीं होगी।
विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छूट
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह रोक अनिवार्य है, लेकिन यदि कोई अत्यंत असाधारण या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो ही विशेष अनुमति के साथ स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (RGI) ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है। यह कदम राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को समयबद्ध और त्रुटिहीन तरीके से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है।


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