उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित पड़ी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर अब तेजी दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग परीक्षा आयोजन की तैयारियों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल के मध्य में परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है, जिसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
18–19 अप्रैल को परीक्षा कराने की तैयारी
आयोग ने फिलहाल 18 और 19 अप्रैल को परीक्षा आयोजित करने का लक्ष्य तय किया है। कई महीनों से भर्ती प्रक्रिया के आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है। आयोग की कोशिश है कि तय समय पर परीक्षा कराकर भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
परीक्षा के सफल और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। परीक्षा केंद्रों के चयन, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक समन्वय को लेकर अलग-अलग स्तर पर बैठकें भी की जा रही हैं।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों में बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र
अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा की बेहतर निगरानी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने प्रदेश के पांच प्रमुख मंडल मुख्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाने की योजना तैयार की है। यह परीक्षा वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, आगरा और लखनऊ में आयोजित की जाएगी।
इन शहरों का चयन इसलिए किया गया है ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए बहुत लंबी दूरी तय न करनी पड़े और प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत बना रहे।
परीक्षा में पहली बार अपनाया जाएगा मल्टी-एजेंसी मॉडल
परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार आयोग ने एक नया मॉडल अपनाने का फैसला किया है। पहले अक्सर पूरी परीक्षा की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को दी जाती थी, लेकिन इससे कई बार पेपर लीक या तकनीकी गड़बड़ियों का खतरा बना रहता था। इसी को देखते हुए इस बार किसी एक एजेंसी को पूरी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। कुल चार अलग-अलग एजेंसियों को परीक्षा संपन्न कराने का कार्य सौंपा जाएगा। एजेंसियों के बीच कार्यों का बंटवारा इस तरह किया जाएगा कि परीक्षा की गोपनीयता हर स्तर पर सुरक्षित रहे।
जल्द जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड और विस्तृत निर्देश
आयोग जल्द ही परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची और एडमिट कार्ड जारी करने से संबंधित दिशा-निर्देश भी जारी कर सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अप्रैल में परीक्षा आयोजित होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अगले चरण में तेजी से आगे बढ़ सकती है।


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