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फरार निलंबित BSA और लिपिक पर कानूनी शिकंजा कसा, गैर-जमानती वारंट जारी

Sir Ji Ki Pathshala

गोरखपुर: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में न्याय की तलाश और तेज हो गई है। पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद फरार चल रहीं देवरिया की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। गुलरिहा पुलिस की अर्जी पर अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है।

निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक पर गैर-जमानती वारंट जारी, 25 हजार के इनाम की तैयारी

​अब कुर्की की तैयारी, बढ़ेगी इनाम की राशि

​पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि दोनों आरोपी जल्द ही न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

  • इनाम की घोषणा: वर्तमान में दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
  • प्रस्तावित बढ़ोत्तरी: पुलिस इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की तैयारी में है।

​पुलिस की कई टीमें लखनऊ, प्रयागराज, देवरिया और बलिया सहित पड़ोसी राज्यों में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों के करीबियों और परिजनों से पूछताछ जारी है, हालांकि अभी तक पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

​अग्रिम जमानत की कोशिशें नाकाम

​सूत्रों के अनुसार, शालिनी श्रीवास्तव और संजीव सिंह ने प्रयागराज में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी, लेकिन गिरफ्तारी के डर से वे कोर्ट में पेश नहीं हुए। लिपिक संजीव सिंह का मोबाइल फोन घटना के बाद से ही बंद है, जिससे पुलिस के लिए उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह दुखद घटना 20 फरवरी की रात की है, जब कुशीनगर निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में अपने भाई के घर पर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले लिखे गए पत्र में कृष्ण मोहन ने अपनी मौत के लिए निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने नोट में बहाली के नाम पर धन उगाही और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था।

​पुलिस इस मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पहले ही जेल भेज चुकी है। जांच में सामने आया है कि अनिरुद्ध ने ही मृतक शिक्षक का परिचय लिपिक संजीव सिंह से कराया था, जहाँ बहाली के बदले 16 लाख रुपये की भारी-भरकम डील तय की गई थी।

शिक्षक समाज की मांग: इस मामले को लेकर शिक्षकों में भारी रोष है। सभी की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

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