नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरने के तुरंत बाद, विपक्षी दलों ने अब निर्वाचन आयोग पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पक्षपात और चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए महाभियोग चलाने के लिए संसद के दोनों सदनों में औपचारिक नोटिस दिया है।
विपक्ष के मुख्य आरोप
विपक्षी दलों द्वारा सौंपे गए 10 पन्नों के इस विस्तृत नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- पक्षपातपूर्ण आचरण: अपने कार्यालय के कार्यों में निष्पक्षता न बरतने और भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप।
- जांच में बाधा: चुनावी धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच में जानबूझकर अड़चनें पैदा करना।
- मतदाता सूची में हेरफेर: सत्तारूढ़ भाजपा को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से चुनिंदा राज्यों (जैसे बिहार और पश्चिम बंगाल) में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराना।
आंकड़ों का गणित और विपक्षी लामबंदी
इस नोटिस पर कुल 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें 130 लोकसभा और 63 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि विपक्ष के पास इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए आवश्यक 'विशेष बहुमत' की कमी है।
नियम क्या कहता है? महाभियोग प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन की कुल संख्या का कम से कम 50% और मतदान के समय उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) बहुमत की आवश्यकता होती है।
हटाने की प्रक्रिया: अब आगे क्या होगा?
न्यायाधीश जांच अधिनियम 1968 के तहत, प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी:
- समिति का गठन: यदि दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति मिलकर तीन सदस्यीय जांच समिति बनाएंगे।
- जांच दल: इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश, एक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता शामिल होंगे।
- बचाव का अवसर: जांच के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा।
- अंतिम निर्णय: समिति की रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी, जिसके बाद चर्चा और मतदान होगा।
यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए इस स्तर पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की गई है।


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