लखनऊ: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परीक्षा में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए प्रश्नों को लेकर उपजे विवाद के बाद आयोग ने सभी उपस्थित अभ्यर्थियों को उन प्रश्नों के पूरे अंक (Full Marks) देने का फैसला किया है।
क्या था पूरा मामला?
आयोग द्वारा स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) के 5,272 रिक्त पदों पर चयन के लिए 11 जनवरी 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा प्रदेश के तीन जनपदों— बरेली, लखनऊ और झांसी में संपन्न हुई थी। परीक्षा के बाद कई महिला अभ्यर्थियों ने शिकायत की थी कि प्रश्न-पत्र में विषयगत ज्ञान के अलावा उत्तर प्रदेश राज्य (UP GK) और कंप्यूटर विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए थे, जो कि प्रकाशित परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं थे।
आयोग की समिति ने दी राहत
अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद आयोग ने एक जांच समिति गठित की थी। समिति द्वारा प्रस्तुत आख्या और कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद आयोग ने स्वीकार किया कि पाठ्यक्रम से भिन्न प्रश्न पूछे गए थे। इसी के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि:
- किसे मिलेगा लाभ: परीक्षा में उपस्थित हुए सभी अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
- कितने अंक मिलेंगे: परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए सभी प्रश्नों के लिए अभ्यर्थियों को 'पूर्णांक' यानी पूरे अंक प्रदान किए जाएंगे।
पारदर्शिता के लिए उठाया कदम
आयोग के परीक्षा नियंत्रक, सुभाष चंद्र प्रजापति द्वारा 02 फरवरी 2026 को जारी इस आधिकारिक सूचना से हजारों महिला अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है। इस फैसले से अब मेरिट लिस्ट में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्नों के कारण होने वाले नुकसान की संभावना खत्म हो गई है।
"नोट: यह निर्णय केवल उन अभ्यर्थियों के लिए प्रभावी है जो 11 जनवरी 2026 की मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे।"
— सर जी की पाठशाला

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