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सावधान: कहीं आपको भी तो नहीं मिला SIR नोटिस? घर बैठे ऐसे चेक करें SIR नोटिस का स्टेटस

Sir Ji Ki Pathshala

​भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इन दिनों मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO UP) द्वारा उन मतदाताओं की सूची जारी की गई है जिनके विवरण में No Mapping या Logical Discrepancy (तार्किक विसंगति) पाई गई है।

CEO Uttar Pradesh Voter Discrepancy List Online Check

​अगर आपके वोटर कार्ड में कोई तकनीकी खामी है, तो आपको SIR (Standardized Information Report) का सामना करना पड़ सकता है। अच्छी खबर यह है कि अब आप इसे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और सुधार भी सकते हैं।

​1. अपनी पात्रता और नोटिस को कैसे चेक करें?

​सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम निर्वाचन आयोग की उस सूची में तो नहीं है, जिसे सुधार की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के निवासी नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

    • स्टेप 1: उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के इस लिंक पर जाएँ: CEO UP Discrepancy List
    • स्टेप 2: यहाँ आप अपनी जिला और विधानसभा का चयन करके 'No Mapping' और 'Logical Discrepancy' वाली सूची डाउनलोड कर सकते हैं।
    • स्टेप 3: सूची में अपना नाम या EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर) सर्च करें।

​2. अगर नाम सूची में है, तो क्या करें?

​यदि आपका नाम इस सूची में दिखाई देता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका मतलब है कि आपके डेटा में कुछ मिलान नहीं हो रहा है (जैसे फोटो साफ न होना, पता अधूरा होना या एक ही व्यक्ति के दो कार्ड होना)।

​आप इसका जवाब और सुधार ऑनलाइन Voters Service Portal के माध्यम से कर सकते हैं:

​3. ऑनलाइन सुधार की प्रक्रिया

​नोटिस का जवाब देने या डेटा अपडेट करने के लिए इन आसान चरणों का पालन करें:

  1. लॉगिन/रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर लॉगिन करें।
  2. फॉर्म का चयन: सुधार के लिए आमतौर पर 'Form 8' (Correction of entries) भरना होता है।
  3. दस्तावेज अपलोड: सुधार के समर्थन में जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र या फोटो) स्कैन करके अपलोड करें।
  4. सबमिट: फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक 'Reference ID' मिलेगी, जिससे आप भविष्य में स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे।
नोट: मतदाता सूची में नाम होने का मतलब यह नहीं है कि आपका वोट कट गया है, बल्कि यह आपके डेटा को "वेरिफाई" करने का एक मौका है ताकि भविष्य में मतदान के समय कोई असुविधा न हो।

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