लखनऊ: उत्तर प्रदेश के BTC 2001 बैच के लगभग 2800 शिक्षकों के भविष्य को लेकर विधान परिषद में महत्वपूर्ण सूचना साझा की गई है। सदस्य विधान परिषद (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह और राजबहादुर सिंह चंदेल ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान उन शिक्षकों की ओर आकर्षित किया है, जो प्रशासनिक देरी के कारण पुरानी पेंशन योजना (OPS) के लाभ से वंचित रह गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया और विलंब का मुख्य कारण
दस्तावेज़ के अनुसार, BTC 2001 बैच की भर्ती प्रक्रिया 1 दिसंबर 2001 को SCERT द्वारा जारी पत्र के साथ शुरू हुई थी। इस प्रक्रिया की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- प्रवेश परीक्षा: 28 अप्रैल 2002 को आयोजित की गई।
- चयन: पूरे प्रदेश में लगभग 5600 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।
- प्रशिक्षण पूर्ण: इन अभ्यर्थियों ने 11 जनवरी 2005 को अपना दो वर्षीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था।
तर्क यह दिया गया है कि इन शिक्षकों की पात्रता और पदस्थापना की प्रक्रिया 28 मार्च 2005 (NPS अधिसूचना की तिथि) से पूर्व ही हो जानी चाहिए थी। परंतु, कथित तौर पर राजनीतिक उद्देश्यों और प्रशासनिक शिथिलता के कारण इनकी नियुक्ति में देरी हुई और यह प्रक्रिया 10 फरवरी 2009 को जाकर पूरी हो पाई।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) का आधार
शिक्षकों का पक्ष है कि RTE 2010 से पूर्व बेसिक शिक्षा में चयन की प्रक्रिया अन्य विभागों से भिन्न थी। चयन के समय ही अभ्यर्थियों की संख्या उतनी ही रखी जाती थी जितनी रिक्तियां होती थीं।
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई घोषणा और शासनादेश संख्या-14/2024 (दिनांक 28.06.2024) का हवाला देते हुए लेख में कहा गया है कि: "ऐसे कार्मिक जिनकी भर्ती का विज्ञापन NPS लागू होने की तिथि (28 मार्च 2005) से पहले जारी हुआ था, उन्हें पुरानी पेंशन से आच्छादित करने के लिए 'उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट्स रूल्स 1961' के तहत विकल्प दिया जाना चाहिए।"
निष्कर्ष और मांग
BTC 2001 बैच के शिक्षक पहले ही इस संबंध में अपना विकल्प भर चुके हैं। अब सदन में यह मांग की गई है कि:
- शेष बचे 2800 शिक्षकों को अविलंब पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
- इस लोक महत्व के प्रकरण पर शासन द्वारा त्वरित वक्तव्य दिया जाए और सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
यह मामला हजारों परिवारों के आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सदस्यों ने इसे 'अनिवार्य और अविलंबनीय' श्रेणी में रखते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की है।

