उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों (Block Education Officers) के रिक्त पदों पर भर्ती की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं को प्रशासनिक देरी का सामना करना पड़ रहा है। शासन ने नियमावली में छोटे संशोधनों के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अब पूरी नियमावली को नए सिरे से बनाने का आदेश दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि भर्ती प्रक्रिया अब 'जीरो' से शुरू होगी।
1. शासन ने क्यों ठुकराया संशोधन का प्रस्ताव?
शिक्षा निदेशालय ने पहले पुरानी नियमावली में कुछ बदलावों का सुझाव भेजा था। लेकिन कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया कि टुकड़ों में संशोधन करने के बजाय एक व्यापक और आधुनिक सेवा नियमावली (Service Rules) तैयार की जाए। इस प्रक्रिया के कारण फाइल अब दोबारा ड्राफ्टिंग टेबल पर पहुँच गई है, जिससे विज्ञापन जारी होने में कम से कम 3 से 4 महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है।
2. क्या हो सकते हैं बड़े बदलाव? (प्रस्तावित नियमावली के मुख्य बिंदु)
नई नियमावली में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देने के लिए निम्नलिखित बदलाव चर्चा में हैं:
- 100% सीधी भर्ती: अब तक 80% पद सीधी भर्ती से और 20% पदोन्नति से भरे जाते थे। नए प्रस्ताव के अनुसार, सभी पदों को UPPSC के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरने की योजना है।
- B.Ed की अनिवार्यता: पुराने 'एलटी डिप्लोमा' जैसे प्रावधानों को पूरी तरह हटाकर NCTE से मान्यता प्राप्त B.Ed को अनिवार्य और प्राथमिक योग्यता बनाया जाएगा।
- योग्यता का सरलीकरण: 'समकक्षता' (Equivalency) विवाद को खत्म करने के लिए डिग्री के नाम और योग्यता को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा ताकि भविष्य में कानूनी अड़चनें न आएं।
3. पदों की संख्या और वर्तमान स्थिति
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारी के 140 से अधिक पद रिक्त हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को इन पदों का अधियाचन पहले ही मिल चुका है, लेकिन तकनीकी रूप से आयोग तब तक विज्ञापन जारी नहीं कर सकता जब तक कि शासन नई नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी नहीं दे देता।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह: यद्यपि प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण विज्ञापन में देरी हो रही है, लेकिन 100% सीधी भर्ती का प्रस्ताव नए प्रतिस्पर्धियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आएगा। अपनी तैयारी को निरंतर बनाए रखें क्योंकि नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही आयोग तेजी से परीक्षा प्रक्रिया शुरू करेगा।


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