उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में एक बार फिर फर्जीवाड़े के बड़े मामले ने विभाग की नींद उड़ा दी है। मानव संपदा पोर्टल की मॉनीटरिंग के दौरान आजमगढ़ मंडल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ 42 शिक्षकों के नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि (DOB) पूरी तरह समान पाए गए हैं। ये शिक्षक दो अलग-अलग जगहों पर अपनी आईडी सक्रिय कर नौकरी कर रहे थे।
आजमगढ़ मंडल में जांच का शिकंजा
निदेशालय द्वारा की गई डिजिटल स्क्रूटनी में यह मामला सामने आया कि कई शिक्षकों की एक ही विवरण के साथ दो-दो आईडी पोर्टल पर चल रही हैं। इस गड़बड़ी के सामने आते ही शिक्षा विभाग के गलियारों में खलबली मच गई है।
- आजमगढ़: 30 शिक्षकों पर संदेह।
- बलिया: 08 शिक्षक जांच के दायरे में।
- मऊ: 04 शिक्षकों की आईडी संदिग्ध।
शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल के कड़े रुख के बाद, सहायक शिक्षा निदेशक (AD Basic) ने तत्काल प्रभाव से इन सभी 42 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
6 मार्च को 'अग्निपरीक्षा', पेश करने होंगे मूल दस्तावेज
एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने इस मामले पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी संदिग्ध शिक्षकों को 6 मार्च को अपने नियुक्ति के समय जमा किए गए मूल अभिलेखों (Original Documents) के साथ कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा गया है। यदि शिक्षक निर्दोष हैं तो उन्हें अपनी पहचान साबित करनी होगी, अन्यथा उन पर बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सीतापुर में भी बड़ी कार्रवाई: 13 शिक्षक बर्खास्त
फर्जीवाड़े का यह सिलसिला केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं है। सीतापुर जिले में भी बीएसए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत तैनात इन शिक्षकों के TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए। विभाग अब इन बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| जिला/मंडल | कार्रवाई | कारण |
|---|---|---|
| आजमगढ़ मंडल | 42 शिक्षकों का वेतन बाधित | पोर्टल पर डबल आईडी और समान डेटा |
| सीतापुर | 13 शिक्षक सेवा से बर्खास्त | फर्जी TET प्रमाण पत्र |
| निदेशालय निर्देश | 6 मार्च तक सत्यापन | अभिलेखों की जांच अनिवार्य |
मानव संपदा पोर्टल और डिजिटल सत्यापन ने विभाग में पारदर्शिता लाने का काम किया है, जिससे बरसों से छिपे 'मुन्ना भाइयों' पर नकेल कसना आसान हो गया है। अब देखना यह है कि 6 मार्च की जांच में कितने और चेहरे बेनकाब होते हैं।


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