देवरिया/गोरखपुर: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह द्वारा प्रताड़ना से तंग आकर की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को पद से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, पुलिस ने इस मामले में ₹16 लाख के लेन-देन में मध्यस्थता करने के आरोपी पूर्व प्रधानाचार्य को भी गिरफ्तार कर लिया है।
कुशीनगर के मूल निवासी कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। उन्होंने 20 फरवरी की रात गोरखपुर में अपने भाई के आवास पर फांसी लगाकर जान दे दी थी।
आत्महत्या से पहले शिक्षक ने एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी किया था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और अन्य पर गंभीर प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
शासन की सख्त कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- BSA का निलंबन: उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ढिलाई और एक वर्ष तक प्रभावी कार्रवाई न करने के दोषी पाए जाने पर शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
- प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी: गोरखपुर पुलिस ने ₹16 लाख की रिश्वत और मध्यस्थता के आरोपी पूर्व प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है।
- छापेमारी जारी: आरोपी लिपिक संजीव सिंह और अन्य संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
- नया कार्यभार: डायट प्राचार्य अनिल कुमार को देवरिया के बीएसए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जांच का निष्कर्ष: जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट और जिला स्तरीय कमेटी की जांच में बीएसए को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया, जिसके बाद शासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।


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