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BSA शालिनी श्रीवास्तव को शासन ने किया निलंबित, DIET प्राचार्य को मिला अतिरिक्त प्रभार

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ/देवरिया: उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शासन ने देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई कई गंभीर आधारों पर की गई है:

  • अदालती अवहेलना: माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 'रिट याचिका-A संख्या-7446/2023' में 13 फरवरी 2025 को एक आदेश पारित किया गया था। एक वर्ष बीत जाने के बावजूद BSA कार्यालय द्वारा इसका अनुपालन नहीं किया गया।
  • भ्रष्टाचार की शिकायत: दैनिक जागरण समाचार पत्र में 22 फरवरी 2026 को प्रकाशित खबर "दो किस्तों में दिये रुपये, फिर भी नहीं मिला छुटकारा" के बाद जिलाधिकारी देवरिया द्वारा कराई गई जांच में अनियमितताएं सही पाई गईं।
  • लापरवाही और उदासीनता: सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने के कारण उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।

​निलंबन के दौरान कड़े नियम

​निलंबन की अवधि के दौरान श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव को शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें निर्वाह भत्ता तभी दिया जाएगा, जब वह इस आशय का प्रमाण पत्र देंगी कि वह किसी अन्य निजी व्यवसाय या नौकरी में संलग्न नहीं हैं।

​जांच के लिए अधिकारी नियुक्त

​इस पूरे प्रकरण की गहन अनुशासनात्मक जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मण्डल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के तहत जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

​किसे मिला देवरिया का प्रभार?

​BSA का पद रिक्त होने के कारण शासन ने सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्राचार्य, डायट (DIET) देवरिया को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। यह व्यवस्था नियमित तैनाती होने तक प्रभावी रहेगी।

Deoria BSA Suspension Order Copy 2026

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