लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों संविदा शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। सदन में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी अप्रैल महीने से शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अभी तक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां नए स्कूलों के निर्माण के लिए सरकार ने 580 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
शिक्षा और रोजगार पर विपक्ष के वार, सरकार का पलटवार
सत्र के दौरान विपक्ष ने बेरोजगारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। सपा विधायक रागिनी सोनकर द्वारा कर्मचारियों को निकाले जाने के सवाल पर श्रम मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कर्मचारी को नहीं निकालेगी। वहीं, सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा:
"2017 से पहले यूपी की गिनती 'बीमारू' राज्यों में होती थी, लेकिन आज हमारा प्रदेश विकास के मामले में टॉप-3 राज्यों में शामिल है। 2026-27 तक यूपी की जीडीपी 40 लाख करोड़ के पार पहुँचने का लक्ष्य है।"
बजट सत्र की अन्य प्रमुख घोषणाएं:
- मेट्रो विस्तार: लखनऊ में चारबाग से बसंत कुंज तक मेट्रो का विस्तार होगा और मेरठ में मेट्रो के साथ 'नमो भारत' ट्रेन के लिए दो कॉरिडोर बनेंगे।
- डिजिटल उद्यमी योजना: गांवों में 8,000 डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिसमें 50% आरक्षण महिलाओं को दिया जाएगा। इसके लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन मिलेगा।
- नई टाउनशिप: शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 100 से ज्यादा नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी।
- शिक्षा में सुधार: सीएम ने दावा किया कि प्रदेश में ड्रॉप-आउट रेट 6% से घटकर अब केवल 0-3% रह गया है। अब सरकार का लक्ष्य 8 हजार न्याय पंचायतों में कंपोजिट विद्यालय (12वीं तक) स्थापित करना है।
किसानों और युवाओं के लिए सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी डेटा सेंटर का हब बनने की ओर अग्रसर है और 2030 तक 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्लस्टर बनाने की योजना है। साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए ड्रोन और रोबोटिक्स के इस्तेमाल हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यूपी देश का पहला राज्य है जिसने बिना किसी बैंक कर्ज के किसानों का ऋण माफ किया


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