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PPF से पैसे निकालने की पूरी जानकारी: 50% नियम से लेकर टैक्स फ्री बेनिफिट तक सब कुछ जानें

Sir Ji Ki Pathshala

PPF विड्रॉल नियम: अपनी आंशिक और पूर्ण PPF राशि कैसे निकालें?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) अपने गारंटीड रिटर्न और शानदार टैक्स लाभों के कारण भारत में सबसे लोकप्रिय सरकार समर्थित बचत योजनाओं में से एक है। एक सुरक्षित निवेश विकल्प होने के नाते, यह लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए आदर्श है। PPF की मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष है, जिसके बाद आप अपने खाते से पूरी धनराशि निकाल सकते हैं। हालाँकि, आपातकालीन स्थितियों में मैच्योरिटी से पहले (खाता खोलने के छठे फाइनेंशियल वर्ष के बाद) भी आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है।

PPF Withdrawal Rules: PPF से पैसे निकालने के पूरे नियम

इस लेख में पीपीएफ अकाउंट से पैसे निकालने, समय से पहले खाता बंद करने और मैच्योरिटी के बाद एक्सटेंशन के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

PPF निकासी के प्रकार और नियम (एक नज़र में)

पीपीएफ विड्रॉल प्रकार समय सीमा कारण कितनी राशि?
मैच्योरिटी पर 15 वर्ष बाद कोई भी पूरी जमा राशि + ब्याज
आंशिक निकासी 6 वर्ष बाद कोई भी बैलेंस राशि का 50% तक
समय से पहले बंद 5 वर्ष बाद बीमारी, शिक्षा पूरी राशि (1% ब्याज कटौती)

1. मैच्योरिटी पर PPF विड्रॉल (Withdrawal on Maturity)

PPF खाता 15 साल की अवधि के बाद मैच्योर होता है। मैच्योरिटी पर आप पूरी रकम निकाल सकते हैं।

प्रक्रिया:
इसके लिए आपको उस बैंक शाखा या डाकघर में फॉर्म सी (Form C) जमा करना होगा जहाँ आपका PPF अकाउंट है।

भुगतान:
आवेदन के बाद खाता बंद कर दिया जाएगा और पूरी राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

2. मैच्योरिटी पर PPF एक्सटेंशन (PPF Extension Rules)

मैच्योरिटी के बाद आपके पास दो विकल्प होते हैं: या तो पूरी राशि निकाल लें या खाते को 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाएं। यदि आप पैसे नहीं निकालते और कोई निर्देश नहीं देते, तो खाता डिफ़ॉल्ट रूप से बढ़ जाता है और ब्याज मिलता रहता है।

क. योगदान के बिना एक्सटेंशन (Extension without Contribution)

इसका मतलब है कि आप खाता सक्रिय रखते हैं लेकिन नया पैसा जमा नहीं करते। जब तक आप पूरी राशि नहीं निकाल लेते, तब तक शेष राशि पर ब्याज मिलता रहेगा।

ख. योगदान के साथ एक्सटेंशन (Extension with Contribution)

आप इसमें निवेश जारी रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए मैच्योरिटी के एक वर्ष के भीतर फॉर्म एच (Form H) जमा करना अनिवार्य है। यदि आप फॉर्म H जमा नहीं करते हैं, तो नया निवेश 'अनियमित' माना जाएगा और उस पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट या ब्याज नहीं मिलेगा।

3. एक्सटेंशन के बाद विड्रॉल के नियम

    • बिना योगदान के एक्सटेंशन: आप साल में केवल एक बार पैसा निकाल सकते हैं। आप एक्सटेंशन के समय मौजूद पूरी राशि तक निकाल सकते हैं।
    • योगदान के साथ एक्सटेंशन: इस स्थिति में, आप 5 साल की नई अवधि के दौरान, एक्सटेंशन के समय जमा कुल बैलेंस का अधिकतम 60% ही निकाल सकते हैं। इसमें भी साल में केवल एक विड्रॉल की अनुमति है।

4. आंशिक या प्री-मैच्योर विड्रॉल (Partial Withdrawal)

यदि आपको 15 साल से पहले पैसों की जरूरत है, तो नियम इस प्रकार हैं:

    • पात्रता: खाता खोलने के 5 फाइनेंशियल वर्ष पूरे होने के बाद (यानी छठे वर्ष से) आप पैसा निकाल सकते हैं।
    • टैक्स: प्री-मैच्योर विड्रॉल पूरी तरह टैक्स फ्री है।
    • सीमा: प्रति फाइनेंशियल वर्ष केवल एक आंशिक निकासी की अनुमति है।

आप कितनी राशि निकाल सकते हैं?

निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि निम्न में से जो भी कम हो:

    • चालू वर्ष से ठीक पहले वाले फाइनेंशियल वर्ष के अंत में बैलेंस का 50%।
    • चालू वर्ष से ठीक पहले के चौथे फाइनेंशियल वर्ष के अंत में बैलेंस का 50%।

5. पीपीएफ निकासी की प्रक्रिया (Step-by-Step)

यदि आप निकासी के योग्य हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

स्टेप 1: फॉर्म C डाउनलोड करें:
बैंक की वेबसाइट या शाखा से Form C प्राप्त करें। इसमें तीन सेक्शन होते हैं:

    • डिक्लेरेशन: अपना अकाउंट नंबर और राशि दर्ज करें।
    • कार्यालय उपयोग: बैंक खाता खोलने की तिथि और बैलेंस विवरण भरेगा।
    • बैंक डीटेल: वह खाता नंबर दें जहाँ पैसा प्राप्त करना है।

स्टेप 2: दस्तावेज:
फॉर्म के साथ अपनी PPF पासबुक की फोटोकॉपी लगाएं।

स्टेप 3: जमा करना:
इसे संबंधित बैंक या डाकघर में जमा करें। आप डिमांड ड्राफ्ट (DD) के जरिए भी भुगतान ले सकते हैं, जिसके लिए रेवेन्यू स्टाम्प की आवश्यकता होगी।

6. समय से पहले खाता बंद करना (Premature Closure)

5 साल पूरे होने के बाद खाता पूरी तरह बंद किया जा सकता है यदि:

    • खाताधारक, पति/पत्नी या बच्चों को कोई गंभीर बीमारी हो।
    • बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता हो (दस्तावेजों के साथ)।

जुर्माना:
समय से पहले बंद करने पर ब्याज दर में 1% की कटौती की जाती है।

7. PPF पर टैक्स लाभ (Tax Benefits)

    • PPF EEE (छूट-छूट-छूट) श्रेणी में आता है।
    • धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है।
    • अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स फ्री है।

संबंधित सवाल (FAQs)

Q. क्या हम 15 साल बाद PPF जारी रख सकते हैं?
हाँ, आप 5-5 साल के ब्लॉक में इसे अनिश्चित काल तक बढ़ा सकते हैं।

Q. NRI के लिए क्या नियम हैं?
नया खाता नहीं खोल सकते, लेकिन पुराने खाते को मैच्योरिटी तक चला सकते हैं। मैच्योरिटी के बाद NRI खाते को एक्सटेंड नहीं कर सकते।

Q. क्या नाबालिग के खाते से पैसा निकाल सकते हैं?
हाँ, लेकिन इसके लिए अभिभावक को यह घोषणा करनी होगी कि पैसा नाबालिग की जरूरतों के लिए ही निकाला जा रहा है।


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