बरेली। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के साथ ही शिक्षा विभाग ने आवंटित बजट के उपयोग को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा अभियान बरेली द्वारा जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे आवंटित धनराशि का 15 मार्च 2026 तक पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें।
बजट उपयोग न होने पर नाराजगी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में गहरी चिंता जताई गई है कि बी.आर.सी. (BRC), एस.एम.सी. (SMC) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में अब तक पर्याप्त धनराशि खर्च नहीं की गई है। इसके अलावा 'पी.एम. श्री' विद्यालयों की ओर से भी बजट उपयोग में शिथिलता बरती गई है, जिससे जनपद का व्यय प्रतिशत अत्यंत कम बना हुआ है।
प्रमुख निर्देश और समय सीमा
पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि:
- अंतिम तिथि: सभी प्रकार की आवंटित धनराशि का नियमानुसार उपभोग 15 मार्च 2026 तक हर हाल में हो जाना चाहिए।
- उत्तरदायित्व: यदि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद बजट लैप्स होकर राज्य कार्यालय को वापस जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
- निगरानी: खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और पी.एम. श्री विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इसके लिए आदेशित करें।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
शिक्षा विभाग द्वारा जारी यह बजट स्कूलों के विकास, संसाधनों की उपलब्धता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए होता है। समय पर बजट खर्च न होने से न केवल विकास कार्य बाधित होते हैं, बल्कि अगले वित्तीय वर्ष के बजट आवंटन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


Social Plugin