मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए आयकर (Income Tax) के मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर आई है। नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत अब ₹12 लाख तक की सालाना आय पूरी तरह टैक्स फ्री हो गई है। लेकिन, इसमें एक पेंच भी है जिसे समझना बहुत जरूरी है।
1. नए टैक्स स्लैब: एक नजर में
सरकार ने नए टैक्स रिजीम के तहत टैक्स की दरों को और अधिक सरल बना दिया है। अब ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
नए इनकम टैक्स स्लैब (आसान लिस्ट)
- ₹0 से ₹4 लाख तक: कोई टैक्स नहीं (0%)
- ₹4 लाख से ₹8 लाख तक: 5% टैक्स
- ₹8 लाख से ₹12 लाख तक: 10% टैक्स
- ₹12 लाख से ₹16 लाख तक: 15% टैक्स
- ₹16 लाख से ₹20 लाख तक: 20% टैक्स
- ₹20 लाख से ₹24 लाख तक: 25% टैक्स
- ₹24 लाख से ऊपर: 30% टैक्स
2. ₹12 लाख की कमाई कैसे हुई टैक्स फ्री?
आमतौर पर ₹12 लाख की आय पर स्लैब के हिसाब से ₹60,000 टैक्स बनता है (देखें गणना नीचे)। लेकिन सरकार धारा 87A (Section 87A) के तहत यह पूरा ₹60,000 माफ कर देती है।
टैक्स की गणना:
- पहले ₹4 लाख: ₹0
- ₹4 से ₹8 लाख (5%): ₹20,000
- ₹8 से ₹12 लाख (10%): ₹40,000
- कुल टैक्स: ₹60,000 (जिसे 87A के तहत माफ कर दिया जाता है)
3. सैलरीड लोगों के लिए ₹12.75 लाख तक की छूट
अगर आप सैलरीड (Salary Class) हैं, तो आपको ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) अलग से मिलता है। इसका मतलब है कि आपकी ₹12.75 लाख तक की कुल आय टैक्स के दायरे से बाहर हो सकती है।
नोट: ₹12,00,000 (टैक्स फ्री सीमा) + ₹75,000 (स्टैंडर्ड डिडक्शन) = ₹12,75,000
4. सावधान! सिर्फ ₹1 ज्यादा होने पर लग सकता है भारी टैक्स
यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपकी आय ₹12 लाख (बिना डिडक्शन के) से ₹1 भी ऊपर निकलती है, तो आपको धारा 87A का लाभ नहीं मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी आय ₹12,00,001 है, तो आपको ₹4 लाख के ऊपर की पूरी आय पर टैक्स देना होगा। इस स्थिति में आपका टैक्स अचानक ₹0 से बढ़कर ₹60,000.15 हो जाएगा। इसे 'मार्जिनल रिलीफ' के साथ एडजस्ट किया जा सकता है, लेकिन ₹12 लाख की लक्ष्मण रेखा का ध्यान रखना अनिवार्य है।
निष्कर्ष:
नया टैक्स रिजीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी आय ₹12 लाख के आसपास है। बिना किसी निवेश (Investment) के झंझट के आप सीधे छूट का लाभ उठा सकते हैं।




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