उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग (बेसिक) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाओं के स्वरूप, अंक विभाजन और मूल्यांकन प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
परीक्षा का स्वरूप और कक्षावार विवरण
विभिन्न कक्षाओं के लिए परीक्षा का माध्यम और अंकों का भार अलग-अलग निर्धारित किया गया है:
- कक्षा 1: वार्षिक परीक्षा केवल मौखिक होगी।
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कक्षा 2 से 5: लिखित और मौखिक दोनों परीक्षाएं होंगी।
- कक्षा 2 एवं 3: लिखित और मौखिक का भार 50-50 प्रतिशत होगा।
- कक्षा 4 एवं 5: लिखित परीक्षा 70 प्रतिशत और मौखिक परीक्षा 30 प्रतिशत अंकों की होगी।
- कक्षा 6 से 8: वार्षिक परीक्षा पूर्णतः लिखित होगी।
प्रश्न पत्र का प्रारूप और अंक विभाजन
लिखित परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसे चार श्रेणियों में बांटा गया है:
- बहुविकल्पीय प्रश्न: 10 अंक (10 प्रश्न)
- अति लघु उत्तरीय: 10 अंक (10 प्रश्न)
- लघु उत्तरीय: 20 अंक (4 प्रश्न)
- दीर्घ उत्तरीय: 10 अंक (2 प्रश्न)
- सत्रीय परीक्षाएं (Unit Tests): 20 अंक (10-10 अंकों की दो परीक्षाएं)
- अर्द्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक
- वार्षिक परीक्षा: 50 अंक
- परीक्षा की अवधि: लिखित परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित है।
- परिणाम घोषणा: मूल्यांकन कार्य की शुचिता बनाए रखते हुए 30 मार्च 2026 को परीक्षा फल घोषित किया जाएगा।
- रिपोर्ट कार्ड: इसी दिन विद्यालय परिसर में अभिभावकों की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को रिपोर्ट कार्ड वितरित किए जाएंगे।
कुल मूल्यांकन (100 अंकों का गणित)
प्रत्येक विषय का वार्षिक मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसका विभाजन इस प्रकार है:
महत्वपूर्ण तिथियां और परिणाम
प्रशासनिक जिम्मेदारी
परीक्षाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी जिला स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक की होगी। किसी भी प्रकार की शिथिलता के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।



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