उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए डेटा पारदर्शिता और लंबित नियुक्तियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 16 दिसंबर 2025 तक और उसके बाद की सभी सूचियों को एक साथ एकीकृत कर जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
14 फरवरी तक का डेटा होगा अंतिम आधार
पिछली कार्यवाही के दौरान, कई अभ्यर्थियों ने डेटा विसंगतियों और गूगल फॉर्म भरने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि 14 फरवरी तक प्राप्त डेटा को ही अंतिम माना जाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस समय सीमा तक आए हुए सभी आवेदकों की लिस्ट तैयार कर उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।
अगली सुनवाई
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च 2026 (संभावित) की तिथि निर्धारित की है। दोपहर 1:40 बजे होने वाली इस विशेष सुनवाई में भर्ती की अंतिम रूपरेखा और अपलोड की गई लिस्ट पर विचार किया जाएगा। होली के अवकाश के बाद होने वाली यह सुनवाई अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
- लिस्ट अपलोडिंग: 16 दिसंबर 2025 और उसके बाद का पूरा डेटा पोर्टल पर उपलब्ध कराना अनिवार्य।
- कट-ऑफ डेट: 14 फरवरी तक प्राप्त आवेदनों को ही प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
- अगली तारीख: 24 मार्च को होगी अगली निर्णायक सुनवाई।
- कोर्ट का रुख: डेटा में पारदर्शिता और जल्द निपटारे पर विशेष जोर।
इस आदेश से उन अभ्यर्थियों में संतोष है जो लंबे समय से सूची के सार्वजनिक न होने के कारण परेशान थे। अब सबकी निगाहें 24 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि दशकों पुरानी यह भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर कब पहुँचेगी।


Social Plugin