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UGC नया गज़ट (राजपत्र) जारी उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु नया नियम

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली | शिक्षा डेस्क भारत में उच्च शिक्षा के स्तर पर समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026' को अधिसूचित कर दिया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि कैंपस में किसी भी छात्र के साथ जाति, धर्म, लिंग या दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव न हो।

UGC Equity Regulations 2026 highlights in Hindi.

1. समता समिति (Equity Committee) का गठन

प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। इस समिति की संरचना इस प्रकार होगी:

  • अध्यक्ष: संस्थान का प्रमुख (कुलपति/प्राचार्य)।
  • सदस्य: तीन वरिष्ठ प्रोफेसर, एक गैर-शिक्षण कर्मचारी।
  •  प्रतिनिधि: नागरिक समाज के दो अनुभवी व्यक्ति और शैक्षणिक/खेलों में उत्कृष्ट दो छात्र प्रतिनिधि।
  • अनिवार्य प्रतिनिधित्व: समिति में OBC, SC, ST, महिलाओं और दिव्यांगजनों का प्रतिनिधित्व होना अनिवार्य है।

2. 24/7 समता हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल

छात्रों और कर्मचारियों की मदद के लिए संस्थान को 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन और एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल बनाना होगा। यदि कोई पीड़ित लिखित शिकायत नहीं देना चाहता, तो वह हेल्पलाइन के जरिए मदद मांग सकता है।

3. शिकायत निवारण की समय-सीमा (Timeline)

UGC ने इन नियमों में न्याय की प्रक्रिया को बहुत तेज कर दिया है:

  • तत्काल बैठक: शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर समिति को पहली बैठक करनी होगी।
  • जांच रिपोर्ट: संस्थान के प्रमुख को 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
  • त्वरित कार्रवाई: रिपोर्ट मिलने के 7 कार्य दिवसों के भीतर संस्थान को दोषी के खिलाफ कदम उठाना होगा।

4. समता दूत और सुरक्षा के इंतजाम

परिसर में भेदभाव की संभावना को खत्म करने के लिए 'समता दूत' (Equity Ambassadors) और 'इक्विटी स्क्वॉड' की तैनाती की जाएगी।

  • गोपनीयता: शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
  • सुरक्षा: गवाहों या पीड़ितों के खिलाफ किसी भी प्रकार के प्रतिशोध (Retaliation) को रोकने की जिम्मेदारी संस्थान की होगी।

5. अनुपालन न करने पर दंड (Penalties)

यदि कोई विश्वविद्यालय या कॉलेज इन नियमों को लागू करने में कोताही बरतता है, तो UGC के पास निम्नलिखित अधिकार हैं:

  • संस्थान का अनुदान (Grants) रोक देना।
  • नई डिग्री या प्रोग्राम चलाने पर पाबंदी लगाना।
  • UGC की आधिकारिक सूची से संस्थान का नाम हटा देना।

निष्कर्ष

UGC के ये नए नियम शैक्षणिक संस्थानों को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएंगे। यह न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

UGC Equity Regulations 2026 highlights in Hindi.

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