गोरखपुर। परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के लिए 'ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' (APAR) आईडी तैयार करने के कार्य में सुस्ती बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए गोरखपुर जिले के 7 खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का जनवरी माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।
इन विकासखंडों पर गिरी गाज
जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें निम्नलिखित विकासखंडों के बीईओ शामिल हैं: कैम्पियरगंज, खजनी, और गगहा, जंगल कौड़िया, उरूवा, बड़हलगंज, और ब्रह्मपुर।
इन क्षेत्रों में आईडी निर्माण की पेंडेंसी 30 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। विभाग ने इन अधिकारियों को 24 जनवरी तक कार्य पूर्ण करने की अंतिम मोहलत दी थी।
गोरखपुर की रैंकिंग में भारी गिरावट
आपार आईडी निर्माण की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में गोरखपुर जिला 75वें स्थान पर पिछड़ गया है, जो विभाग के लिए चिंता का विषय है। तुलनात्मक रूप से पड़ोसी जिलों की स्थिति काफी बेहतर है:
- संत कबीर नगर: 26वां स्थान।
- कुशीनगर: 40वां स्थान।
- देवरिया: 44वां स्थान।
- महाराजगंज: 50वां स्थान।
आंकड़ों की नज़र में जिले की स्थिति
- कुल पंजीकृत छात्र: 2,49,802।
- तैयार आईडी: 1,76,514।
- कुल पेंडेंसी: 29.19%।
- सर्वाधिक पेंडेंसी: कैम्पियरगंज में 36.94% छात्र अभी भी आईडी से वंचित हैं।
बीएसए की सख्त चेतावनी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेन्द्र त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद प्रगति संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक सभी छात्रों की आपार आईडी का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। छात्रों की डेटा ट्रैकिंग और शैक्षिक निगरानी के लिए यह आईडी अनिवार्य है और इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।


Social Plugin