लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आविष्कार अभियान (RAA) के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 150 मेधावी छात्र–छात्राओं को शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट के लिए राज्य से बाहर भेजा जाएगा। इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
फरवरी 2026 में प्रस्तावित है एक्सपोजर विजिट
जारी आदेश के अनुसार यह शैक्षणिक भ्रमण फरवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित छात्र–छात्राएं शामिल होंगे, जिन्होंने जनपद एवं राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रत्येक जनपद से दो विद्यार्थियों का चयन किया गया है, इस प्रकार कुल 75 जनपदों से 150 छात्र इस भ्रमण का हिस्सा बनेंगे।
इन शहरों का करेंगे भ्रमण
एक्सपोजर विजिट के दौरान छात्रों को देश के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रस्तावित स्थानों में बेंगलुरु, श्रीहरिकोटा और अहमदाबाद–गांधीनगर जैसे शहर शामिल हैं। इन भ्रमणों के माध्यम से विद्यार्थियों को ISRO, वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों, तकनीकी संस्थानों और नवाचार हब्स से रूबरू कराया जाएगा।
विज्ञान और STEM शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करना, STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना है। साथ ही विद्यार्थियों में समस्या समाधान, आलोचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी इस अभियान का अहम लक्ष्य है।
सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष जोर
दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भ्रमण से पहले, दौरान और बाद में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
- प्रत्येक दल के साथ महिला और पुरुष शिक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगे।
- यात्रा के दौरान यातायात एवं सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
- छात्रों की उपस्थिति, गतिविधियों की निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- बिना अनुमति किसी छात्र को अलग होने की अनुमति नहीं होगी।
यात्रा खर्च सरकार वहन करेगी
इस योजना के अंतर्गत यात्रा, आवास, भोजन और स्थानीय भ्रमण से संबंधित सभी व्यय भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बजट 2025–26 के अंतर्गत वहन किए जाएंगे। प्रति छात्र लगभग 26,000 रुपये तक का व्यय निर्धारित किया गया है। संपूर्ण खर्च का लेखा-जोखा PFMS पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
भ्रमण के बाद छात्रों को साझा करना होगा अनुभव
एक्सपोजर विजिट के उपरांत छात्रों को अपने अनुभवों के आधार पर निबंध, रिपोर्ट, फोटो, वीडियो और डिजिटल डायरी तैयार करनी होगी। इन अनुभवों को विद्यालय एवं जनपद स्तर पर साझा किया जाएगा, ताकि अन्य छात्र भी इससे प्रेरित हो सकें।
शिक्षा को अनुभवात्मक बनाने की दिशा में बड़ा कदम
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत यह एक्सपोजर विजिट उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर अनुभवात्मक और नवाचार आधारित बनाया जा रहा है। यह पहल न केवल छात्रों के ज्ञान का विस्तार करेगी, बल्कि उन्हें भविष्य में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में करियर चुनने के लिए भी प्रेरित करेगी।







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